शामली। शिक्षा को व्यापार बनाने वाले पब्लिक स्कूल संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। यह चेतावनी देते हुए डीएम ने कहा कि यदि निजी स्कूलों के प्रबंध तंत्र ने निजी प्रकाशकों की किताबें खरीदने के लिए दबाव बनाता है, तो कार्रवाई की जाएगी।
शनिवार को कलक्ट्रेट सभागार में सीबीएसई एवं पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य और प्रबंधकों की मीटिंग बुलाई गई। डीएम सुजीत कुमार ने कहा कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और निजी स्कूलों के प्रबंधन निजी प्रकाशकों की किताबें खरीदने के लिए अभिभावकों और छात्रों पर दबाव ना बनाएं।
बच्चों की स्पोर्ट्स ड्रेस में हर साल बदलाव पर एतराज जताया। स्कूली वाहनों के फिटनेस समय पर कराने तथा वाहन चालक, कंडक्टर और सुरक्षा कर्मियों का चरित्र सत्यापन समय समय पर कराने का निर्देश दिया। स्कूलों आपदा प्रबंधन और रिहर्सल भी समय समय पर कराया जाए। साथ ही अग्निशमन यंत्र भी उपलब्ध होना चाहिए। स्कूल कॉलेजो में बाथरूम व शौचालय साफ सुथरे तथा उचित प्रकाश व्यवस्था होनी चाहिए।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर ने बताया कि सीबीएसई स्कूलों में पढ़ने वाले दुर्बल आर्य वर्ग, कैंसर पीड़ित और बीपीएल कार्ड धारक अभिभावक के बच्चो को कक्षा-एक से आठ की फीस प्रदेश सरकार प्रतिमाह 450 रुपये अदा करेगी। संचालन जिला विद्यालय निरीक्षक एसएम सिद्दीकी ने किया।
सिल्वर बेल्स स्कूल के डायरेक्टर अतुल बंसल, प्रधानाचार्य ऐके गोयल, सेंट आरसी कैराना के प्रधानाचार्य वेदपाल, सरती देवी राजाराम स्कूल की प्रधानाचार्य मधु शर्मा, स्कॉटिस स्कूल के डायरेक्टर राजीव कुमार, मदरलैंड पब्लिक स्कूल के चेतन मुन्जाल और रॉयल पब्लिक स्कूल से डायरेक्ट राजदीप, अन्य सभी स्कूलों के प्रधानाचार्य, डायरेक्टर आदि उपस्थित रहे।