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Shamli News: अवैध वसूली प्रकरण में स्टाफ नर्स को चेतावनी, नोटिस जारी

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शामली। जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के ऑपरेशन की एवज में अवैध वसूली के मामले में सीडीओ विनय कुमार तिवारी ने डीएम अरविंद कुमार चौहान को रिपोर्ट सौंप दी है। उधर, अवैध वसूली के आरोप सही पाए जाने पर ओटी तकनीशियन को हटाकर इमरजेंसी और स्टाफ नर्स को डिलीवरी रूम से हटाकर वार्ड में भेजा गया है। साथ ही दोनों को नोटिस जारी कर कड़ी चेतावनी दी गई है।
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जिला अस्पताल में बुधवार को तीमारदारों ने गर्भवती महिलाओं के ऑपरेशन के नाम पर अवैध वसूली के आरोप लगाए थे। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था। डीएम ने सीडीओ को इस प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। सीडीओ ने अस्पताल पहुंचकर वार्ड में जाकर तीमारदारों से आरोपियों की पहचान कराते हुए प्रकरण की जांच की थी।
बृहस्पतिवार को सीडीओ ने डीएम को जांच रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में एक तीमारदार पिंटू से ओटी तकनीशियन अंकित द्वारा ऑपरेशन की एवज में छह हजार रुपये लेने और स्टाफ नर्स मोनिका यादव द्वारा इंजेक्शन की एवज में दो हजार रुपये लिए गए थे। वीडियो वायरल होने के बाद छह हजार रुपये में 3500 रुपये मोनिका द्वारा और दो हजार रुपये अंकित द्वारा वापस किए गए थे। इसके अलावा तीमारदार सरफराज से अंकित द्वारा लिए गए दो हजार रुपये वापस किए गए। एक अन्य तीमारदार से पांच हजार रुपये लेने और बाद में वापस किया जाना पाया गया। सीडीओ ने ओटी तकनीशियन और स्टाफ नर्स को मिलीभगत कर मरीजों से अवैध वसूली का दोषी पाया। सीडीओ ने बताया कि इस मामले में सीएमओ और जिला अस्पताल के सीएमएस को कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया।
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उधर, सीएमएस डॉ. किशोर कुमार आहूजा ने बताया कि इस प्रकरण में ओटी तकनीशियन अंकित को हटाकर उसकी ड्यूटी इमरजेंसी में लगाई गई है, जबकि स्टाफ नर्स को लेबर रूम से हटाकर वार्ड में ड्यूटी लगाई गई है। दोनों को नोटिस जारी कर कड़ी चेतावनी दी गई है कि अगर भविष्य में इस तरह की कोई शिकायत मिलती है तो सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी।

-आखिर कार्रवाई से क्यों बच रहे अधिकारी
अवैध वसूली प्रकरण में अधिकारियों की जांच में दोष सिद्ध हो चुका है। इसके बावजूद दोनों को एक से हटाकर दूसरे पटल पर ट्रांसफर कर दिया गया। आखिर क्यों वसूली करने वाले दोनों कर्मचारियों के खिलाफ सीएमएस और अन्य अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की? जिलाधिकारी अरविंद चौहान ने जांच कराकर कार्रवाई की बात कही है। कहा कि अवैध वसूली बर्दाश्त से बाहर है।
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