कोतवाली क्षेत्र के गांव सिंभालका में विषाक्त भोजन से परिवार के मुखिया समेत चार सदस्यों की हालत बिगड़ गई। परिजन सुबह जब सोकर उठे तो उन्हें चक्कर आने और उल्टियां होने की शिकायत हुई। आसपास के लोगों ने चारों लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। चिकित्सक के मुताबिक चारों मरीजों की सेहत में सुधार है।
गांव सिंभालका में रामअवतार अपने परिवार के साथ रहते हैं। रामअवतार ने बताया कि उनकी पत्नी रेखा सोमवार को मायके गई थी। उन्होंने बताया कि घर पर वह अपनी पुत्री मोनिका (18), मोहिनी (17) और पुत्र मोहित (16) के साथ रात में दोपहर में बनी हुई आलू मटर की सब्जी खाई। इसके बाद दूध पीकर परिवार के सभी चारों सदस्य सो गए। मंगलवार सुबह सोकर उठे तो उन्हें चक्कर की शिकायत हुई। पहले तो चक्कर आने को गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन कुछ ही देर बाद उल्टियां होने लगी। सभी को एक साथ चक्कर और उल्टियां होने की शिकायत पर परिजनों में खलबली मच गई। परिजनों के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामली में भर्ती कराया। एक ही परिवार के चार सदस्यों की अचानक हालत बिगड़ने पर अस्पताल में भी अफरातफरी का माहौल बन गया। आनन-फानन में चारों सदस्यों का उपचार शुरू किया गया। उपचार के बाद सभी की हालत में सुधार आया। सीएचसी के डॉक्टर रामनिवास ने बताया कि विषाक्त भोजन से परिवार के चार लोगों की हालत बिगड़ गई थी। उपचार के थोड़ी देर बाद ही चारों की हालत में सुुधार आ गया था। सभी की हालत खतरे से बाहर है। सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉक्टर रमेशचंद्रा ने बताया कि शाम को सभी की हालत सामान्य होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। विषाक्त भोजन के कारण परिवार के लोगों की हालत बिगड़ गई थी। चिकित्सक ने बदलते मौसम में खानपान के प्रति सतर्कता बरतने की सलाह दी है।