शामली। जनपद में एक सप्ताह से रुक रुककर हुई बारिश से जहां आमजन को गर्मी से राहत मिली है। वहीं मौसम में नमी बनने से वायरल और टाइफाइड के कारण मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लगी हुई है। इसके अलावा बच्चों में सामान्य पीलिया के केस पिछले साल से ज्यादा आ रहे हैं।
बारिश का लोगों की सेहत पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है। मौसम में नमी और गीले कपड़े पहनने से नजला, जुकाम, खांसी के साथ वायरल और टाइफाइड बुखार के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। सरकारी और निजी अस्पतालों में उपचार कराने वाले मरीजों की भीड़ लगी हुई है। करीब तीन साल से लेकर 12 साल तक के बच्चों में हेपेटाइटिस ए यानी सामान्य पीलिया के केस भी ज्यादा सामने आ रहे हैं। बृहस्पतिवार को सरकारी अस्पताल में मरीजों की चिकित्सकों के यहां भीड़ लगी रही। सीएचसी में बुखार से पीड़ित गांव बलवा निवासी महरूनुमा, कैराना निवासी सत्तार, शामली निवासी नसीमा और शहनाज को भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। चिकित्साधीक्षक डॉक्टर रमेश चंद्रा ने बताया कि वायरल और टाइफाइड बुखार के मरीज आ रहे हैं। इसकी वजह बरसात के मौसम में नमी होना होता है। इस मौसम में लोगों को खानपान और साफ-सफाई पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। सावधानी से ही बीमारियों पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
पिछले साल के मुकाबले पीलिया के केस ज्यादा
डॉक्टर वेदभानू मलिक ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस बार हेपेटाइटिस ए यानी सामान्य पीलिया के केस ज्यादा आ रहे हैं। पिछले साल इन दिनों में एक या दो प्रतिशत पीलिया के केस आते थे, लेकिन इस बार पांच से सात प्रतिशत मरीज पीलिया से पीड़ित आ रहे हैं। खासतौर से पीलिया तीन साल से 12 साल तक के बच्चों में अधिक हैं।
निजी अस्पताल में भर्ती बच्चे
आयुष भिक्का माजरा डेढ़ वर्ष, विराट गोहरनी आठ वर्ष, सुभान कैराना 10 वर्ष, साकिब तितरवाड़ा डेढ़ वर्ष, अभिनव मादलपुर एक वर्ष, शिवाय बिड़ौली दो माह, वंश कैराना नौ वर्ष आदि निजी अस्पताल में भर्ती मिले। अस्पताल में भर्ती ज्यादातर बच्चे वायरल, टाइफाइड और पीलिया से पीड़ित हैं।
रोग से बचाव के लिए सावधानियां
साफ एवं ताजा पानी पीयें।
बाजार के कटे फटे फलों को न खाएं।
बाजार में बिकने वाले पेय पदार्थ का सेवन करने से बचें।
घर पर बने पेय पदार्थ का सेवन करें।
साफ एवं ताजा भोजन करें, बासी भोजन का सेवन न करें।
बीमार होने पर चिकित्सक की सलाह ले और समय पर उपचार कराएं।
कोट
बरसात के मौसम में बीमारियों से बचाव के लिए संचारी रोग नियंत्रण माह के तहत लोगों को जागरूक करने का अभियान चलाया जा रहा है। सभी सीएचसी और पीएचसी पर पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध हैं। - डॉक्टर संजय भटनागर, सीएमओ।