Shamli News: बुलदंशहर में पुलिस और एसटीएफ ने मुठभेड़ में कैराना निवासी विनोद गड़रिया को ढेर कर दिया। वह साल 2006 से अपराध की दुनिया में सक्रिय था। पुलिस को काफी दिनों से उसकी तलाश थी।
जिला बुलंदशहर में पुलिस और एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मारे गए एक लाख के इनामी बदमाश विनोद गड़रिया गिरोह में अपने सदस्यों को जोड़ रहा था। उसके गिरोह में 10-12 सदस्यों का होना बताया गया है। वह मुकीम काला की तरह गिरोह खड़ा करना चाहता था।
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विनोद गड़रिया मूल रूप से कैराना क्षेत्र के गांव खुरगान का निवासी था। पिछले काफी समय से उसका परिवार पानीपत में रह रहा है। 19 साल पहले 2006 में पहली बार जनपद मुजफ्फरनगर के मंसुरपुर थाना क्षेत्र में डकैती डाल कर विनोद गड़रिया उर्फ गुर्जर उर्फ फौजी उर्फ ठाकुर ने अपराध की दुनिया में पहला कदम रखा था।
इससे पहले विनोद गड़रिया ने अनैतिक संबंधों के चलते गांव खुरगान में ही अपनी पत्नी की हत्या कर दी थी। इसके बाद उसने आपराधिक घटनाओं को लगातार अंजाम दिया। 2006 में विनोद गड़रिया पर जनपद मुजफ्फरनगर के विभिन्न थानों में लूट डकैती के नौ मुकदमें दर्ज हुए।
2007 में थाना भौरा कला में रंगदारी का एक मुकदमा दर्ज है। जेल में जमानत पर बाहर आने के बाद विनोद ने 2012 में कई लूट डकैती की कई घटनाएं की थी। इससे पहले 2011 में कैराना के गांव खुरगान में ब्लाक प्रमुख अयुब जंग के मकान पर धावा बोलकर लाखों की डकैती को अंजाम दिया था।
2011 में ही बाबरी में भी डकैती डाली थी। 2012 में शामली में लूट की घटना को अंजाम दिया था। वहीं करीब 25 साल पहले पत्नी की हत्या के बाद से ही विनोद परिवार सहित हरियाणा के पानीपत में जाकर रहने लगा था तथा वहीं से आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहा था।
वह शामली, मुजफ्फरनगर समेत कई जिलों की पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। खुरगान के ग्राम प्रधान असलम ने बताया कि एक दो बार ही विनोद गांव में आया था लेकिन 2011 में ब्लाक प्रमुख के घर पर डकैती के बाद विनोद गड़रिया ने गांव में आना बंद कर दिया था। एसपी रामसेवक गौतम ने बताया कि विनोद गड़रिया पर जिले में कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसका परिवार पानीपत में होने के कारण पैतृक गांव खुरगान में शव नहीं पहुंचेगा।
भाई के साथ किराना की दुकान करता था गड़रिया
विनोद गड़रिया 27 साल पहले गांव खुरगान में अपने भाई प्रमोद के साथ किराना की दुकान करता था। उसी दौरान विनोद ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी थी। इस मामले में वह जेल चला गया था जबकि परिवार के बाकी लोग हरियाणा के पानीपत में जाकर रहने लगे थे।
भाई के साथ किराना की दुकान करता था गडरिया
बुलंदशहर में मुठभेड़ में मारा गया एक लाख का इनामी विनोद गडरिया 27 साल पहले गांव खुरगान में अपने भाई प्रमोद के साथ किराना की दुकान करता था। उसी दौरान विनोद ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी थी। इस मामले में वह जेल चला गया था जबकि परिवार के बाकी लोग हरियाणा के पानीपत में जाकर रहने लगे थे।