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पैसे के लिए विक्रांत के सिर पर खून हो गया था सवार

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शामली : कांधला के थाने में घटना के बाद मामले की जानकारी करने मृतक के परिजनों को ले जाती पुलिस। - फोटो : ?????
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शामली। पैसे के लिए विक्रांत के सिर पर खून सवार हो गया था। लेनदेन का यह विवाद पिता-पुत्र की हत्या का कारण बन गया। विक्रांत ने भूपेंद्र, उसकी मां सुरेश देवी और पुत्र अर्जुन को बंधक बनाकर कई घंटे तक मारपीट की। पिता-पुत्र को अपने कब्जे में रखते हुए सुरेश देवी को कंकरखेड़ा पैसे लेने भेजा। सुरेश देवी ने पुलिस को सूचना दी तो विक्रांत बौखला उठा और उसने अपने परिवार के लोगों के साथ मिलकर पिता-पुत्र की हत्या कर दी। पुलिस ने सुरेश देवी की तहरीर पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
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भूपेंद्र की मुलाकात यूपी पुलिस के सिपाही मखमूलपुर के रहने वाले विक्रांत पुत्र विरेंद्र से कंकरखेड़ा क्षेत्र में हुई थी। भूपेंद्र ने विक्रांत के भाई की नौकरी दिलवाने के नाम पर पैसे लिए थे। नौकरी न लगने पर विक्रांत पैसे वापस मांग रहा था। भूपेंद्र पुत्र बिजेंद्र और उसकी मां सुरेश देवी मंगलवार दोपहर मखमूलपुर में विक्रांत के घर पहुंचे थे।
सुरेश देवी ने बताया कि उन्होंने विक्रांत को 50 हजार रुपये दिए। डेढ़ लाख रुपये कुछ दिन बाद देने की बात कही। लेकिन विक्रांत अपने 5.80 लाख रुपये बता रहा था। उसने सुरेश देवी और भूपेंद्र के मोबाइल छीन लिए और दोनों को बंधक बनाकर पूरी रात मारपीट की। इसके बाद भूपेंद्र के पुत्र अर्जुन को मखमूलपुर बुलाने के लिए कहा।
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बुधवार को अर्जुन मखमूलपुर घर पहुंचा, तो सुरेश देवी पैसे लेने के लिए मेरठ के लिए रवाना हुई। सुरेश ने मेरठ पहुंचकर 112 नंबर पर कॉल करके पुलिस को सूचना दे दी। इसके कुछ देर बाद ही विक्रांत के फोन से सुरेश देवी के फोन पर कॉल आई। अर्जुन कुछ बोलता उससे पहले ही विक्रांत ने उससे फोन छीन लिया।
सुरेश देवी का आरोप है कि विक्रांत और उसके भाई अर्जुन, पत्नी शिवानी, मां मुद्रेश, पिता विरेंद्र सिंह और गांव के मोनू पुत्र सुकरमपाल ने उसके पुत्र और पौते की गोली से भूनकर हत्या कर दी। एसएसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि नौकरी लगवाने के नाम पर विक्रांत से पैसे लिए गए थे। कितने पैसे लिए गए थे, यह जांच में स्पष्ट होगा। पुलिस ने आरोपी अर्जुन, शिवानी और मुद्रेश को गिरफ्तार कर लिया है। विक्रांत और उसके पिता विरेंद्र व मोनू फरार हैं। जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगाई गई हैं।
पुलिस से बोले थाने लेकर जा रहे फिर मिले शव
सुरेश देवी के फोन करने पर 112 डायल पुलिस मखमूलपुर गांव पहुंची। पुलिसकर्मियों ने विक्रांत आदि से पूछताछ की। उन्होंने कहा कि वह दोनों को गाड़ी में थाने लेकर जा रहे हैं, लेकिन वह थाने नहीं पहुंचे। जिसके बाद पुलिस और परिजनों ने उन्हें तलाश किया। भूपेंद्र और अर्जुन के गोली लगे शव सल्फा गांव में पड़े मिले। सूचना पर एसएसपी सुकीर्ति माधव थाना पुलिस के साथ पहुंच गए। फोरेंसिक टीम ने भी जांच की और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए।
मेरा एक ही बेटा और एक ही पौता था
शामली। बेटे और पौते की हत्या के बाद सुरेश देवी बदहवास थी। उनका कहना था कि मेरा एक ही बेटा और एक ही पौता था। मेरी तो जिंदगी ही उजड़ गई। हम पैसे वापस लौटाना चाहते थे। तभी खुद कुछ पैसे लेकर यहां आए थे। बाकी पैसे कुछ दिन बाद देने की बात कही थी, लेकिन आरोपियों ने मेरे बेटे और पौते की हत्या कर दी। बताया गया कि भूपेंद्र की एक शगुन नाम की बेटी है। जिसकी उम्र 15 वर्ष है।
नोएडा पुलिस लाइन में है तैनाती
शामली। दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद फरार हुए यूपी पुलिस के सिपाही विक्रांत और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी ने तीन टीम लगाई हैं। विक्रांत की तैनाती फिलहाल नोएडा पुलिस लाइन में बताई जा रही है।

शामली : मृतक अर्जुन का फाइल फोटो।- फोटो : SHAMLI

गांव सल्फा में पिता-पुत्र की हत्या की सूचना पर पहुंची पुलिस।- फोटो : SHAMLI

शामली : गांव सल्फा में पिता-पुत्र की हत्या की सूचना पर पहुंची पुलिस।- फोटो : SHAMLI

शामली : कांधला थाने में पहुंचे पीड़ित परिजन।- फोटो : SHAMLI

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