कॉलेजों में अवकाश बन रहा टीकाकरण में बाधक
शामली। कोरोना की तीसरी लहर के मद्देनजर 15 से 18 साल के किशोरों को शत प्रतिशत टीकाकरण कराने के लिए सरकार जोर दे रही है। कॉलेजों में अवकाश के कारण टीकाकरण गति नहीं पकड़ रहा है। किशोरों को घर से बुलाने के लिए शिक्षकों को मशक्कत करनी पड़ रही है। जिले में अभी तक किशोरों को 27 प्रतिशत ही टीकाकरण हुआ है। कॉलेजों की ओर से गांवों में अनाउंसमेंट कराया जा रहा है।
कोरोना से बचाव के लिए जिले में तीन जनवरी से 15 से 18 साल तक के किशोरों को टीकाकरण का अभियान चल रहा है। 95,970 किशोरों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अभी तक लगभग 27 प्रतिशत ही टीकाकरण हुआ है। टीकाकरण की गति बढ़ाने के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने स्कूल-कॉलेजों में टीकाकरण कराने का दो दिन का माइक्रोप्लान बनाया है। इसके तहत सोमवार व मंगलवार को जिले के 30 कॉलेजों में टीकाकरण बूथ बनाए गए। सीएचसी समेत 11 अन्य बूथों पर टीकाकरण किया गया। कॉलेज 23 जनवरी तक अवकाश घोषित होने के कारण बंद हैं, ऐसे में शिक्षक अभिभावकों से संपर्क कर किशोरों को कॉलेज में टीकाकरण के लिए बुलाने में जुटे हैं, लेकिन किसी का मोबाइल स्विच ऑफ आता है तो किसी का फोन मिलता नहीं है।
राष्ट्रीय किसान इंटर कॉलेज शामली के प्रधानाचार्य कैप्टन लोकेंद्र सिंह ने बताया कि सोमवार को लगभग 75 छात्रों का टीकाकरण हुआ है। कॉलेज में छुट्टी होने के कारण मोबाइल से संपर्क कर छात्रों को बुलाया जा रहा है, जिसमें कुछ छात्रों के मोबाइल नंबर नहीं मिल रहे हैं। उनके यहां करीब 900 छात्र है, जिनमें अभी तक 50 प्रतिशत छात्रों को टीके लगे हैं। श्री जैन कन्या इंटर कॉलेज शामली की प्रधानाचार्या डॉ. रुचिता ढाका ने बताया कि छात्राओं को फोन करके बुलाया गया। जिनसे संपर्क नहीं हुआ, उनके घर कर्मचारियों को भेजा गया। आरडी इंटर कॉलेज सिक्का सिलावर के प्रधानाचार्य वीके गुलाटी ने बताया कि छात्र-छात्राएं ग्रामीण क्षेत्र के होने के कारण उनसे संपर्क करने में समस्या बनी है। गांवों में अनाउंसमेंट कराया जा रहा है।