शामली में गठवाला खाप के चौधरी बाबा हरिकिशन मलिक का निधन हो गया है। बताया गया कि 94 वर्ष की उम्र में उनका निधन हुआ है। वे कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। वहीं बुधवार को उन्होंने लिसाढ़ गांव स्थित अपने आवास पर ही अंतिम सांस ली। उनके बेटे राजेंद्र मलिक ने बताया कि गुरुवार सुबह 10 बजे गांव के श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा।
गठवाला खाप के चौधरी बाबा हरिकिशन मलिक का बुधवार दोपहर तीन बजे निधन हो गया। गठवाला खाप के चौधरी हरिकिशन मलिक ने वर्ष 1985 में गठवाला खाप की कमान संभाली थी। वर्ष 1986 में भाकियू द्वारा बिजली दरों को लेकर चलाए गए आंदोलन में सक्रिय हो गए थे। भाकियू के करमूखेड़ी से लेकर मेरठ सीडीए मैदान समेत कई आंदोलन में सक्रिय रहे। बाद में भाकियू सुप्रीमो चौधरी महेंद्र टिकैत से मनमुटाव के चलते अपना अराजनैतिक संगठन राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन बनाकर किसान हितों के लिए संघर्ष किया।
दो दिन पूर्व तबीयत खराब होने से उन्हें ऑक्सीजन की कमी हो गई थी, बाद में उन्हें शामली में डॉ. डीपी गुप्ता के यहां लाया गया था। यहां ऑक्सीजन उपलब्ध न होने से बुढ़ाना के प्राइवेट अस्पताल में ले जाया गया। जहां से उनको लिसाढ़ गांव ले आए थे। बुधवार दोपहर तीन बजे उनका निधन हो गया। निधन की सूचना पर जिले में शोक छा गया। उनके पुत्र राजेंद्र मलिक ने बताया कि गुरुवार सुबह दस बजे लिसाढ़ गांव में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
चौधरी नरेश टिकैत ने शोक व्यक्त किया
किसान नेता चौधरी अनिल मलिक ने बताया कि गठवला खाप के बाबा हरिकिशन मलिक लिसाढ़ के निवासी थे। पिता बाबा बलदेव सिंह मलिक के निधन के बाद गठवाला खाप के चौधरी बने। उनके दो पुत्र राजेंद्र मलिक, बिजेंद्र मलिक, दो बेटी शुकंतला और मुनेश देवी है। उनके निधन की सूचना पर चौधरी नरेश टिकैत ने दुख व्यक्त किया। कहा कि उनके निधन से खाप और किसान संगठन को क्षति पहुंची है। समाज को बाबा हरिकिशन मलिक की अभी जरूरत थी।
चौधरी हरिकिशन मलिक के निधन को जाट समाज को अपूरणीय क्षति पहुंची है। सरल स्वभाव एवं बोलचाल के कारण उन्होंने गठवाला खाप के कई सामाजिक मुद्दों को सुलझाया। बालियान खाप के चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के साथ मिलकर 1990 के दशक में भारतीय किसान यूनियन को मजबूत बनाने एवं उसके बाद के किसान आंदोलनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- डॉ. सुधीर पंवार, राष्ट्रीय प्रवक्ता, सपा
बाबा हरिकिशन के निधन से गठवाला खाप को गहरी क्षति हुई है। जिसकी क्षतिपूर्ति कर पाना हम सभी के लिए संभव ही नहीं है।
- सवित मलिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष, किसान यूनियन
सच्चे किसान हितैषी स्पष्ट शैली के धनी गठवाला खाप के चौधरी बाबा हरिकिशन का देहांत एक अपूरणीय क्षति है। प्रशासन और सरकार द्वारा लिए गए गलत निर्णय का विरोध किया। वहीं सपा सरकार में स्वर्गीय हुकम सिंह के ऊपर पर हुए लाठीचार्ज का विरोध किया था।
- उमेश पंवार, जिला पंचायत सदस्य
सरल स्वभाव वाले बाबा हरिकिशन ने कई बार किसान राजनीति एवं राजनीतिज्ञों का विपरीत परिस्थितियों में साथ दिया। उनका निधन किसानों के लिए बहुत क्षति है।
- पंकज मलिक, पूर्व विधायक