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उत्तम शौच धर्म आत्मशुद्धि का पर्व

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शामली जैन धर्मशाला में दक्षलक्षण पर्व पर पूजन करते जैन समाज के श्रद्वांलू - फोटो : SHAMLI
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उत्तम शौच धर्म आत्मशुद्धि का पर्व
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शामली। आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर धर्मपुरा पर दशलक्षण पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। सोमवार को चौथे दिन उत्तम शौच धर्म की पूजा की गई। आचार्यों ने बताया कि आत्मशुद्धि का पर्व ही उत्तम शौच धर्म है।
शांतिधारा मनीष व जैन सनी जैन ने कराई। पंडित मुन्ना लाल जैन ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कराई। इस दौरान उन्होंने कहा कि आचरण और विचारों में पवित्रता, नम्रता और निर्मलता लाना ही उत्तम शौच धर्म है। बाहर की पवित्रता का ध्यान तो हर कोई रखता है, लेकिन आंतरिक पवित्रता की बात है। आंतरिक पवित्रता तभी आती है, जब मनुष्य लोभ से मुक्त होता है। पाठ में श्रावक श्राविकाओं ने भाग लिया।
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जिसमें अभिषेक जैन, अरविंद जैन, नरेश जैन, गौरव जैन, दीपा, अनीता, मंजू, संध्या, स्वीटी जैन मौजूद रहे। मुख्य संयोजक अनिल कुमार जैन बैग वाले, अध्यक्ष संतोष जैन, सचिव प्रवीण जैन, कोषाध्यक्ष राजेश जैन, दीपक जैन, अशोक जैन आदि रहे। उधर, तालाब रोड स्थित श्री 1008 महावीर दिगंबर जैन मंदिर में शांतिधारा अरुण जैन, मयंक जैन घड़ी वाले भूपेंद्र जैन, ऋतु जैन, अमित जैन, मुकेश जैन ने कराई। विधान के संयोजक वीरेश जैन कंडेला वालों ने बताया कि आज उत्तम शौच धर्म की पूजा की गई । यह पर्व आत्मशुद्घि का पर्व है।
विधान आचार्य सतेंद्र जैन टीकमगढ़ ने विधि-विधान से सभी को पूजा-अर्चना कराई। मंदिर की भव्यता देखने लायक रही। संगीतकार रमेशचंद्र नामदेव ने सुंदर-सुंदर भक्ति में भजन द्वारा समां बांध दिया। मौके पर अध्यक्ष सुदेश कुमार जैन, मंत्री राजेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेश जैन, संयोजक वीरेश जैन कंडेला वाले, पंकज, विकास, भूषण लाल जैन, महेश मौजूद रहे।
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लोभ का त्याग करना ही उत्तम शौच धर्म
गढ़ीपुख्ता। श्री दिगंबर जैन मंदिर अतिशय क्षेत्र में उत्तम शौच धर्म की पूजा की गई। उत्तम शौच धर्म से आश्य है लोभ का त्याग करना लोभ को पाप का बाप बताया गया है। आचार्यों का कहना है जहां लोभ आता है वहां पर क्रोध, मान, माया और कषाय भी आ जाती है। लोभ इंसान के पतन का कारण है। लोभ जीवन में व्यर्थ के क्लेश पैदा करता है। जिस मनुष्य ने लोभ का त्याग कर दिया। उसके सभी पाप नष्ट हो जाते है। लोभी मनुष्य हर समय किसी ना किसी उलझन में फंसा रहता है द्यप्रक्षाल शांति धारा के पश्चात विधि विधान से पूजन हुआ 13 दीप विधान में द्वितीय मेरु विजय मेरु की पूजा संपन्न हुई। मौके पर दीपक जैन दिल्ली ने शांतिधारा की मौके पर नीरज जैन, दीपक राय जैन, अनिल, सुदेश, संजीव, अजय, नीरज राय, ऋषभ जैन, ममता, रेखा जैन, स्मिता मौजूद रहे।

शामली जैन धर्मशाला में दक्षलक्षण पर्व पर पूजन करती जैन समाज की महिलाएं- फोटो : SHAMLI

शामली तलाब रोड जैन धर्मशाला में दक्षलक्षण पर्व पर पूजन करती जैन समाज की महिलाएं- फोटो : SHAMLI

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