मोहल्ला आल दरमियान निवासी जसविंदर उर्फ जस्सी पानीपत में सब्जी और फल बेचने का काम करता है। बृहस्पतिवार सुबह चार बजे जसविंदर पानीपत चला गया। घर पर उसकी मां ईश्वरी, पत्नी अनीता, बेटा आदी, बेटियां वंदना और जसप्रीत थी। सुबह बेटा स्कूल पढ़ने चला गया। ईश्वरी पड़ोस में चली गई।
पूर्वाह्न करीब 11 बजे मोहल्लेवालों ने मकान के अंदर से धुआं निकलता देखा तो शोर मचाया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने लोगों की मदद से कमरे का गेट तोड़ा और आग पर पानी डालकर बुझाया। कमरे में चारपाई पर अनीता आग से बुरी तरह झुलसी अवस्था में मिली। बराबर में बेड पर उसकी बेटी वंदना और जसप्रीत मृत अवस्था में मिली। फोरेंसिक टीम और एसपी एनपी सिंह ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की।
एसपी ने बताया कि अनीता तीन दिन पहले ही मायके से आई थी। अब फिर से अपने मायके कंडेरा (बागपत) जाने की जिद कर रही थी। इसे लेकर पति-पत्नी के बीच सुबह झगड़ा हुआ था। पति के मायके न भेजने पर महिला ने खुद को आग लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। दोनों बच्चियों की दम घुटने से मौत हुई है। एसपी ने बताया कि महिला ने चारपाई के पास रखे सिलिंडर की पिन को पेचकस से दबाकर गैस लीक कर माचिस से आग लगाई थी।
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