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UP: शामली के बड़े कपड़ा व्यापारी के यहां सहारनपुर एसआईबी का छापा, पांच घंटे जांच, जानें क्यों की गई कार्रवाई

Mon, 24 Nov 2025 06:54 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, शामली

सार

Shamli News: सहारनपुर एसआईबी की टीम ने जीएसटी चोरी की आशंका के चलते मित्तल संस प्रतिष्ठान पर छापा मारा। इसकी जानकारी मिलते ही व्यापारी एकत्र हो गए। बताया गया कि एक ग्राहक की शिकायत के बाद ये कार्यवाही की जा रही है।
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छापामारी करती टीम और साथ आई पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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सहारनपुर की जीएसटी एसआईबी टीम ने पुलिस बल के साथ सोमवार को शहर के नया बाजार स्थित कपड़ा व्यापारी लाला सरदूमल मित्तल के प्रतिष्ठान पर छापा मारा। टीम ने करीब पांच घंटे तक व्यापारी के रिकॉर्ड, बिलिंग और स्टॉक की गहन जांच-पड़ताल की। इस दौरान व्यापारियों, उद्यमियों ने टीम का विरोध किया। मामले की शिकायत आलाधिकारियों से भी करने की बात कही।
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मित्तल संस के यहां मारा गया छापा। - फोटो : अमर उजाला
दोपहर 12 बजे तीन गाड़ियों में डीसी अजय कुमार पांडे के आदेश पर सहारनपुर एसआईबी टीम आरआर सिंह के नेतृत्व में टीम मित्तल संस प्रतिष्ठानपर पहुंची। टीम ने दुकान में प्रवेश करते ही दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी। व्यापारी के बिलिंग रिकॉर्ड, स्टॉक, टैक्स भुगतान, कंप्यूटर डेटा और रिकॉर्ड रूम की गहन जांच की।
 

पुलिस ने दुकान के बाहर मोर्चा संभालते हुए किसी भी बाहरी व्यक्ति को भीतर जाने से रोक दिया। इससे नए बाजार के व्यापारियों में खासी हलचल रही और सभी इस छापे के कारणों को जानने के लिए उत्सुक दिखे।
 

जानकारी मिलने पर उप्र उद्योग व व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष अंकित गोयल सहित व्यापारी नेता प्रशांत भार्गव, अनुराग जैन, सजीव कुमार, राहुल गोयल आदि मौके पर पहुंचे। अधिकारियों से मुलाकात कर कहा कि व्यापारियों का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 
 

व्यापारियों को बताया गया कि एक ग्राहक की शिकायत पर छापा मारा गया है। व्यापारियों ने कहा कि हर रोज कई ग्राहक दुकानों पर आते हैं। यदि ग्राहकों की शिकायत पर छापा मारा जाएगा तो यह व्यापारियों का सीधे सीधे उत्पीड़न है। इसका मतलब यह नहीं है कि व्यापारियों की जांच की जाए। टीम के साथ व्यापारियों की नोकझोंक भी हुई। बाद में किसी तरह व्यापारियों को शांत किया गया। व्यापारियों ने अधिकारियों से भी मामले की शिकायत की बात कही। 



 

आधिकारिक जानकारी नहीं दी
सूत्रों के अनुसार टीम टैक्स चोरी, फर्जी बिलिंग और वास्तविक बिक्री व टैक्स जमा में संभावित अंतर से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल कर रही थी। हालांकि कार्रवाई को लेकर टीम ने अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है।
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आएदिन किया जा रहा परेशान
व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी के अधिकारी आए दिन व्यापारियों को छापे का डर दिखाकर परेशान कर रहे हैं। कई बार रुपये देकर मामले को रफा दफा किया जाता है। व्यापारियों ने कहा कि इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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