शामली में खनन अधिकारी रंजना सिंह।
उत्तर प्रदेश के शामली जनपद में खनन में खेल की गाज आखिरकार खनन अधिकारी डॉ. रंजना सिंह पर गिर ही गई। उनके खिलाफ निलंबन और लखनऊ अटैच करने की संस्तुति शासन से की गई है।
शामली में लगभग एक वर्ष के कार्यकाल में रंजना सिंह विवादों में घिरी रहीं। उनका हाल ही में एक ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह व्यापारी दीपक बंसल को खनन का काम दिलाने की बात कह रही थी। इससे पहले ठेकेदार दीपक पन्नू ने खान अधिकारी पर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। ठेकेदार का कहना था कि उस पर हाइवे पर मिट्टी डालने के ठेका था। एक अन्य ठेकेदार से हमसाज होकर खान अधिकारी ने उसका उत्पीड़न किया। उसे मिट्टी खनन की अनुमति नहीं दी और उसके ट्रक पकड़ लिए गए। इसके चलते उसे ठेका छोड़ना पड़ा।
यमुना में चल रहे रेत खनन को लेकर भी खान अधिकारी की भूमिका पर सवाल उठ रहे थे। जिले से भी उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी गई थी। इसके चलते भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशक रोशन जैकब ने रंजना सिंह को निलंबित करने और लखनऊ अटैच करने की संस्तुति शासन से की है।
अवैध खनन पर गिरी गाज, बांदा और शाहजहांपुर के अधिकारी भी शामिल
भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग उत्तर प्रदेश की निदेशक डा. रोशन जैकब ने सहारनपुर, मुजफ्फरनगर-शामली, बांदा और शाहजहांपुर के खान अधिकारियों को निलंबित करने की संस्तुति की है। डॉ. जैकब का कहना है की सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पर ही हर काम होना चाहिए। भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देना हमारी जिम्मेदारी है।
जिन अधिकारियों के निलंबन की संस्तुति की गई है, उनमें सहारनपुर के खान अधिकारी आशीष कुमार, शामली और मुजफ्फरनगर की सहायक भूवैज्ञानिक एवं खान अधिकारी डाक्टर रंजना सिंह, बांदा के खान अधिकारी सुभाष सिंह और शाहजहांपुर के खान अधिकारी डॉ. अभय रंजन सिंह हैं। इनके बारे में प्राप्त फीडबैक और वरिष्ठ अधिकारियों से प्राप्त भ्रष्टाचार की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। इन्हें लखनऊ से सम्बद्ध किए जाने की भी संस्तुति की गई है।