जीएसटी में फर्म का पंजीकरण कराकर 5,17,33,718 रुपये राजस्व चोरी करने का मामला सामने आया है। जीएसटी अधिकारियों की जांच में इसका खुलासा हुआ है। एसपी के आदेश पर जीएसटी अधिकारी की तरफ से शहर कोतवाली में फर्म संचालक के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई है।
सहायक आयुक्त राज्य कर खंड दो शामली के सहायक आयुक्त आदित्य प्रताप सिंह ने एसपी एनपी सिंह को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि यूपी जीएसटी में पंजीकृत फर्म मैसर्स क्रिस्टल एजेंसीज पर उपलब्ध डाटा के अनुसार, लीगल नाम पल्टूराम निवासी माता मंदिर के निकट कांधला द्वारा जीएसटी-1 में करदेयता स्वीकार की गई। जबकि जीएसटीआर-38 में कर जमा नहीं किया गया है। इसके अतिरिक्त विभागीय पोर्टल की जांच में कर अवधि में जीएसटीआर-2ए में भी कोई इनवर्ड सप्लाई किया जाना प्रदर्शित होना नहीं पाया गया।
सहायक आयुक्त के अनुसार विभागीय पोर्टल की जांच में पाया गया कि व्यापारी द्वारा माह अप्रैल 2020 तथा अक्तूबर 2020 का जीएसटीआर-1 विभागीय पोर्टल पर दाखिल किया गया। अप्रैल 2020 के जीएसटीआर-1 में शून्य आउटवर्ड सप्लाई की गई और अक्तूबर 2020 के जीएसटीआर-1 में 1,84,76, 380 रुपये की कर योग्य आउटवर्ड सप्लाई पंजीकृत करदाताओं से मिलकर 5,17,33,718 रुपये की आईटीसी पासऑन की गई।
इसमें कुल 5,17,33,718 रुपये की राजस्व क्षति की गई। इसका खुलासा होने पर फर्म का पंजीयन 29 अक्तूबर 2020 को निरस्त किया जा चुका है। एसपी के आदेश पर शहर कोतवाली पुलिस ने फर्म संचालक पल्टूराम के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।