पुलिस को बुधवार दोपहर मुखबिर से सूचना मिली कि फुरकान झिंझाना क्षेत्र के गांव रंगाना के जंगल में छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर पुलिस ने उसकी घेराबंदी कर दी। पुलिस को देखते ही फुरकान ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। इस मुठभेड़ में फुरकान गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
फुरकान पिछले लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था और उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। वह कैराना क्षेत्र में अपनी आपराधिक गतिविधियों के लिए कुख्यात था। विशेष रूप से, कैराना से हुए पलायन के मामले में उसका नाम प्रमुखता से सामने आया था। इसके अलावा, वह मुकीम काला जैसे खूंखार गैंगस्टर के गिरोह से जुड़ा था, जिसकी वजह से उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि और भी गंभीर हो जाती है।
फुरकान ने दिनदहाड़े की थी व्यापारी नेता विनोद सिंघल की हत्या
एसपी एनपी सिंह ने बताया कि मुठभेड़ में एक लाख रुपये का इनामी बदमाश फुरकान निवासी मोहल्ला आर्यपुरी कस्बा कैराना मारा गया। फुरकान ने 2014 में कस्बा कैराना में व्यापारी नेता विनोद सिंघल की रंगदारी न देने पर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद कैराना में दहशत बनने के बाद व्यापारियों ने पलायन करना शुरू कर दिया था।
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