शामली। ग्राम्य विकास विभाग के विशेष सचिव श्रीचंद्र वर्मा ने हौसला पोषण मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह कुपोषण को जड़ से मिटाने का काम करें। योजना में किसी प्रकार की शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंगलवार को उन्होंने डीएम कैंप कार्यालय में हौसला पोषण मिशन कार्यक्रम की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में सभी सेविकाएं शासन द्वारा निर्धारित यूनिफार्म अवश्य पहनें। केंद्रों पर निर्धारित सभी मानकों का शत प्रतिशत अनुपालन करें। बच्चों को दिए जाने वाले पुष्टाहार आदि के वितरण का भी समुचित रिकॉर्ड नहीं रखा जा रहा है, जिसके लिए उन्हें समय-समय पर सुधार की आवश्यकता है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी यीशु रूस्तगी ने कहा कि विद्यालय में जाकर बारीकी से चेकिंग करें और बच्चों के उपस्थिति रजिस्टर सेे विद्यालय में जाकर बच्चों की उपस्थिति को चैक किया जाए।
जनपद में हौसला पोषण मिशन के अंतर्गत कुपोषण अति कुपोषित बच्चों की विस्तृत जानकारी दी गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी एसएन रावत को निर्देश
दिया कि वे इस पर विशेष ध्यान देकर उनको सामान्य श्रेणी में लाने का प्रयास करें। बैठक में एडीएम भरत जी पांडेय, जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं जनपद की मुख्य सेविका, सेविकायें आदि उपस्थित रहीं।
इससे पूर्व उन्होंने हौसला पोषण योजना के तहत बलवा, लिलौन गांव में आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण कर गर्भवती महिलाओं, कुपोषित बच्चों को मेन्यू के अनुसार भोजन मिल रहा है या नहीं, इसकी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि हौसला पोषण योजना में कतई लापरवाही न बरतें, लापरवाही बरतने वाले अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों द्वारा गोद लिए गांवों की जांच कर रिपोर्ट तलब की है। उसका निरीक्षण किया जाएगा।