कैराना। पानीपत रोड पर डग्गामार पिकअप गाड़ी और ट्रैक्टर-ट्राली की आमने सामने की भिड़ंत में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। कोतवाली पुलिस व सीओ ने अस्पताल पहुंच कर शव को पीएम के लिए भेज दिया।
शुक्रवार सुबह 5 बजे पानीपत रोड पर ग्राम पंजीठ के पास पानीपत की ओर से सवारियां भर कर आ रही डग्गामार पिकअप गाड़ी की कैराना की ओर से जा रहे ट्रैक्टर ट्राली से टक्कर हो गई। जिससे पिकअप गाड़ी सड़क किनारे पलट गई। हादसे में ट्रैक्टर चालक मनव्वर व उसका पिता वसीम निवासी मोहल्ला इकबालपुरा और पिकअप की सवारियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। सूचना पर पहुंची एंबुलेंस और पुलिस की गाड़ी से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया जहां मन्नवर (20) को डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल में डाक्टरों ने मृतक मन्नवर के पिता घायल वसीम निवासी इकबालपुरा, शौकीन निवासी शिकारपुर थाना भौराकला, कसीम निवासी मोहल्ला ख्वाज बक्श कैराना, फुरकान निवासी हाथी करौंदा, बशीर निवासी कसेरवा कला, मोहित निवासी शिकारपुर थाना भौंराकला को शामली रेफर कर दिया। शामली में डाक्टरों ने शौकीन (35) निवासी शिकारपुर थाना भौराकला को भी मृत घोषित कर दिया। वहीं हादसे के बाद सरकारी अस्पताल में भारी भीड़ जमा हो गई।
जिस पर सीओ भूषण वर्मा व कोतवाली प्रभारी एपी भारद्वाज के अलावा कांधला और झिंझाना पुलिस सरकारी अस्पताल पहुंच गई तथा स्थिति को संभाला। बाद में मृतक मन्नवर के शव का पंचनामा भर कर पीएम के लिए भेज दिया गया। कोतवाली प्रभारी ए पी भारद्वाज ने बताया कि मृतक मन्नवर के मामा निसार मोहल्ला आल दरम्यान की तहरीर पर पिकप चालक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
यमदूत बनकर दौड़ रहीं डग्गामार जीपें
कैराना। कैराना से लेकर पानीपत तक डग्गामार जीपें चलती हैं। इनमें भूसे की तरह लोगों को भरा जाता है। डग्गामार जीपों के चालकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस तक नहीं मिलता। सवारियां लेने की होड में उनकी स्पीड भी जानलेवा होती है। कोई महीना ऐसा नहीं होता, जिसमें डग्गामार जीपों के कारण सड़कें खून से लाल ना होती हो। जब भी डग्गामार जीप के विरुद्ध आवाज उठती है तो पुलिस केवल एक दिन दो चार गाड़ियों का चालान करके शांत हो जाती है। अगले ही दिन से फिर से 40-40 सवारियां छतों पर ढोती डग्गामार जीप सड़कों पर मौत बन कर दौड़ती नजर आती है।
तड़पते रहे घायल, नदारद मिले डाक्टर
कैराना। शुक्रवार को सड़क हादसे ने सरकारी अस्पताल की पोल खोल दी। शिकारपुर निवासी शौकीन डेढ़ घंटे तक अस्पताल में तड़पता रहा, लेकिन उसे उपचार नहीं मिल सका। उस समय अस्पताल में न ही डाक्टर थे और न ही दवाइयां। डेढ़ घंटे तक जब उसे उपचार नहीं मिला और उसकी सांसें उखड़ने लगीं तो पुलिस ने आनन फानन में अपनी जीप से शौकीन को शामली अस्पताल पहुंचाया, लेकिन रास्ते में ही शौकीन ने दम तोड़ दिया था। जिसकी सूचना पर अस्पताल में मौजूद भीड़ का गुस्सा भड़क उठा और भीड़ ने अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ की।
भीड़ ने दवा वितरण के कमरे का दरवाजा तोड़ दिया तथा वहां रखे रजिस्टर फाड़ कर नीचे गिरा दिए। लोगों का आरोप था कि डेढ़ घंटा बीत गया और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सलीम का कही पता नहीं है। जिसके बाद पुलिस कर्मी डा. सलीम को उसके कमरे से बुला कर अस्पताल लाए। पुलिस ने भीड़ को बमुश्किल समझा कर शान्त कराया। उधर, अस्पताल में तोड़फोड़ की जांच करने दोपहर डेढ़ बजे उपजिलाधिकारी भानू प्रताप यादव पहुंचे। डाक्टरों ने एसडीएम को बताया कि उस समय पूरा स्टाफ अस्पताल में मौजूद था। एसडीएम भानू प्रताप यादव ने पूछा कि अस्पताल में तोड़फोड़ कैसे हुई है तो डाक्टरों ने बताया कि उन्होंने घायलों का पूरा उपचार किया। एसडीएम ने कहा कि अगर अस्पताल में लापरवाही की बात सही है तो वो उनसे मिलकर शिकायत कर सकते हैं। एसडीएम ने कहा कि अस्पताल में तोड़फोड़ करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करायी जाएगी।
ट्रेन की चपेट में आया बाइक सवार
शामली। धीमानपुरा रेलवे फाटक बंद होने के बाद भी फाटक पार करने की कोशिश करते हुए एक बाइक सवार ट्रेन की चपेट में आ गया। शुक्रवार सुबह करीब पौने नौ बजे सहारनपुर से चलकर दिल्ली जा रही पैसेंजर ट्रेन आ रही थी। गेटमैन ने फाटक बंद कर दिया, लेकिन इस दौरान शोहित निवासी गोहरपुर फाटक के नीचे से अपनी बाइक निकालकर दूसरी ओर जाने लगा, लेकिन ट्रेन की चपेट में आकर वह घायल हो गया। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इंस्पेक्टर आरपीएफ अजय कुमार ने बताया कि युवक पर मुकदमा दर्ज किया है।