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कॉलेज पर नहीं, कोचिंग सेंटर पर भरोसा

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कॉलेज पर नहीं, कोचिंग सेंटर पर भरोसा
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शामली। कोरोना काल में इस बार दो महीने से अधिक कॉलेजों में शिक्षण कार्य बाधित रहा। करीब पांच माह ही कॉलेजों में शिक्षण कार्य हुआ। हालांकि शिक्षकों को ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन नेटवर्किंग की समस्या तो कहीं पर एंड्रायड फोन न होने जैसी समस्याएं विद्यार्थियों के सामने रहीं। कोरोना को देखते हुए सरकार ने 30 प्रतिशत कोर्स कम किया है। शिक्षकों ने भी कोर्स पूरा करा दिया, लेकिन बोर्ड की परीक्षा देने वाले विद्यार्थी इससे पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उन्हें बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए कोचिंग का सहारा लेना पड़ रहा है।
वीवी इंटर कॉलेज के इतिहास के प्रवक्ता डॉ. अनुराग शर्मा ने कहा कि कोरोना काल में भी ऑनलाइन शिक्षण कार्य चलाया गया है। सरकार ने इस बार कोर्स को 30 प्रतिशत कम किया गया है। समय पर कोर्स पूरा कर दिया गया है। अगर किसी विद्यार्थी को कोई समस्या है तो उसका समाधान किया जाएगा। हिंदी के सहायक अध्यापक नरेंद्र शर्मा ने कहा कि सभी कक्षाओं में जितना कोर्स निर्धारित किया गया है, वह पूरा कर दिया गया है। विद्यार्थियों को इसके बाद भी किसी तरह की पढ़ाई में कोई दिक्कत है तो उसे दूर किया जाएगा।
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क्या बोले विद्यार्थी
कोरोना की वजह से इस बार कॉलेजों में शिक्षण कार्य बाधित रहा। ऑनलाइन कक्षाओं में उतना लाभ नहीं मिलता, जितना क्लास रूम में मिलता है। अंग्रेजी की कोचिंग ले रहा हूं, ताकि बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त हो सकें - गोविंद शर्मा, कक्षा 12
कॉलेज में तो कोर्स पूरा कर दिया गया, लेकिन कोरोना के कारण पढ़ाई बाधित रही। कभी कॉलेज खुले तो कभी बंद हो गए। इंटर की बोर्ड परीक्षा होने के कारण अच्छी तैयारी कर रहा हूं। इसके लिए कोचिंग भी ले रहा हूं - श्रवण कुमार, कक्षा 12
इस सत्र में कॉलेज में शिक्षण कार्य प्रभावित रहा है। इस बार हाईस्कूल की बोर्ड की परीक्षा है। इसकी अच्छी तैयारी के लिए गणित व अंग्रेेजी की कोचिंग ले रहा हूं - आनंद कुमार, कक्षा 10
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शिक्षकों ने ऑफलाइन व ऑनलाइन दोनों तरह से पढ़ाया है। कोर्स भी पूरा कर दिया गया, लेकिन बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए कोचिंग ले रहा है - हिमांशु कुमार, कक्षा 10
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