बुधवार सुबह उड़ीसा से एम्बुलेंस के जरिए संजू का शव हसनपुर लुहारी स्थित उसके गांव पहुंचा। शव घर पहुंचते ही परिवार सहित पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। उधर, मौके पर मौजूद परिजनों ने संजू के शव को एम्बुलेंस से उतारने से मना कर दिया।
परिजनों का कहना था कि जिस वक्त हादसा हुआ संजू ट्रक में बतौर हेल्पर मौजूद था। लेकिन ट्रक मालिक ने दुर्घटना का मुआवजा लेने के लिए जो प्रकिर्या शुरु की है उसमें से संजू को बाहर कर दिया है।
परिजनों ने आरोप लगाया कि ट्रक मालिक दुर्घटना का सारा मुआवजा खुद लेना चाहता है, जबकि संजू की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं नहीं है। उसके परिवार में मां पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। जिनके पालन पोषण का अकेला सहारा केवल संजू था। फिलहाल ट्रक मालिक के परिजन भी मौके पर पहुंचे हुए हैं और दोनों पक्षों में वार्तालाप चल रहा है।