फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिन में बारिश से आफत, दोपहर में निकली धूप से राहत

विज्ञापन
विज्ञापन
दिन में बारिश से आफत, दोपहर में निकली धूप से राहत
विज्ञापन

शामली। मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। सोमवार रात से जिले में बारिश शुरू है। मंगलवार को भी ये क्रम जारी रहा। हालांकि दोपहर में धूप निकलने के बाद मौसम खुला। बेमौसम बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान गेहूं की फसल को हुआ है। पछेती गेहूं की बुवाई एक महीने से नहीं हुई है।
सोमवार आधी रात के बाद आसमान में काले बादल छा गए थे। इसके बाद रात को रुक-रुक कर बारिश होती रही, जो कि मंगलवार सुबह भी जारी रही। मंगलवार सुबह साढ़े आठ से साढ़े नौ बजे तक बारिश हुई। इसके बाद भी रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रही । दोपहर करीब एक बजे मौसम खुला और धूप निकली, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली। हालांकि शाम तक सूरज की लुका छिपी चलती रही। बारिश की वजह से तापमान पर कोई खास असर नहीं हुआ। मंगलवार को अधिकतम तापमान 17 और न्यूनतम 11 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। अधिकतम तापमान सोमवार की तुलना में एक डिग्री बढ़ गया था। सिंचाई विभाग के उपराजस्व अधिकारी अंबुज कुमार के अनुसार जिले में करीब 18 एमएम बारिश हुई है। बुधवार को भी बूंदाबांदी की संभावना है।
विज्ञापन

नहीं हुई गेहूं की पछेती बुवाई
बेमौसम बरसात से इस बार जिले में गेहूं की बुवाई बुरी तरह प्रभावित हो गई है। बहुत से किसान गेहूं की पछेती बुवाई करते हैं। ये बुवाई 15 से 20 जनवरी तक होती है, लेकिन इस बार बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। किसान ने जब भी बुवाई को खेत तैयार किया, तभी बारिश हो गई। यही वजह है कि इस बार जिले में गेहूं का रकबा घटने की उम्मीद है। इस बार करीब 49 हजार हेक्टेयर का लक्ष्य था।
विज्ञापन

शहर में कीचड़, हाईवे पर जलभराव
बूंदाबांदी के चलते शहर की सड़कों पर गंदगी और कीचड़ से बुरा हाल रहा। शहर के माजरा रोड पर पेट्रोल पंप के पास पानी भरा था। सत्यनारायण स्कूल जाने वाले रास्ते में टूटी सड़क पर पानी भरा था। बच्चों को भी गुजरने में परेशानी हुई। शहर में एमएसके रोड पर भी सड़क पर गंदगी और कीचड़ से लोग परेशान थे। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर लिलौन गांव में टूटी सड़क के गड्ढों में जलभराव से बुरा हाल था। यहां से गुजरने वाले वाहनों से सड़क किनारे बैठे ग्रामीणों पर भी पानी के छींटे जा रहे थे। ग्रामीणों ने बताया कि यहां सालों से सड़क टूटी है, लेकिन फोर लेन बन रहा है, लेकिन काम इतना धीमा है कि सालों से पूरा गांव परेशानी झेल रहा है। इसके अलावा कांधला, कैराना, गढीप़ुख्ता, थानाभवन, बाबरी, जलालाबाद और झिंझाना में भी बारिश की वजह से सड़क और खड़ंजों पर गंदगी फैल रही।

शामली बुंदा बांदी में गुजरती छात्राएं- फोटो : SHAMLI

शामली बुंदा बांदी में छाता लगा कर गुजरती युवतियां- फोटो : SHAMLI

शामली बुंदा बांदी में छाता लगा कर गुजरती छात्राएं- फोटो : SHAMLI

शामली बुंदा बांदी में छाता लगा कर गुजरती छात्राएं- फोटो : SHAMLI

शामली बुंदा बांदी में बच्चे को कपडा लपेट के जाती महिला- फोटो : SHAMLI

शामली बुंदा बांदी के बाद किचड में धसी स्कूली वैन- फोटो : SHAMLI

शामली किचड से बच कर निकलते स्कूली बच्चे- फोटो : SHAMLI

ामली किचड से बच कर निकलते स्कूली बच्चे- फोटो : SHAMLI

शामली किचड से बचा बच्चे ले जाती महिला- फोटो : SHAMLI

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें