शामली क्षेत्र के गांव बांमडोली निवासी वृद्व हरबीर सिंह
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शामली। 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान लागू होने पर पहला गणतंत्र दिवस देशभर में धूमधाम से मनाया गया था। लोगों में जोश और उत्साह का माहौल था। शामली के गांव बामनौली निवासी 93 वर्षीय हरबीर सिंह ने उस दिन को याद करते हुए बताया कि गांव में खुशी का माहौल था। युवाओं ने हाथ में तिरंगा लेकर भारत मां की जय के नारे लगाए गए थे।
देश के पहले गणतंत्र दिवस समारोह केे लेकर बुजुर्ग हरबीर सिंह से बात की गई। उन्होंने बताया कि उस समय टीवी नहीं थे। गांव में रेडियो पर ही देश दुनिया की खबर मिलती थी। उन्हें और गांव के लोगों को रेडियो से ही पता चला था कि 26 जनवरी 1950 को पहला गणतंत्र दिवस समारोह दिल्ली में धूमधाम से मनाया जा रहा है। उस समय वे करीब 23 वर्ष के थे और गांव में परिवार के लोगों के साथ खेती करते थे। पहला गणतंत्र दिवस दिल्ली जाकर देखने की इच्छा थी, लेकिन उस समय इतनी सुख सुविधा नहीं थी कि दिल्ली आसानी से जा सके। उस समय लोगों में देश के प्रति लगाव और समर्पण का भाव था। आजादी के बाद जब अपने देश का संविधान कानून लागू हुआ तो लोगों में अलग ही खुशी थी और उत्साह था। गांव में जश्न जैसा माहौल था। गांव की गलियों में युवा वर्ग की टोलियां हाथों में तिरंगा लेकर भारत मां की जय के नारे लगाते हुए घूमी थीं। उनका कहना है कि उस समय लोगों में देश प्रेम का जज्बा अलग ही था। 70 के दशक में जब इंदिरा गांधी देश की प्रधानमंत्री थी। उस समय उन्होंने दिल्ली में जाकर गणतंत्र दिवस समारोह को देखा था।