शामली में एक सप्ताह के अंदर कस्बे के दो प्राचीन सिद्धपीठ मंदिरों में हुई चोरी की घटना से जनता में आक्रोश है। मंगलवार को भी कस्बे के मुख्य बाजार बंद रहे। चौक बाजार में धरनास्थल पर पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई। धरने को राजनीतिक व व्यापारिक संगठनों से जुड़े लोगों ने अपना समर्थन दिया। उन्होंने घटनाओं का खुलासा करने व पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कस्बे के प्राचीन सिद्धपीठ बाला सुंदरी देवी मंदिर व सिद्धपीठ बाबा बनखंडी महादेव मंदिर में एक सप्ताह के अंदर हुई चोरी की घटनाओं के विरोध में मंगलवार को दूसरे दिन भी मुख्य चौक बाजार में धरना जारी रहा। इससे पूर्व में व्यापार मंडल के दोनों गुटों के अध्यक्ष विपुल जैन व अनिल कुमार गुप्ता के आह्वान पर व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए। चौक बाजार, बेगमपुरा, सराफा बाजार व जोड़वा बाजार में दुकानों के बंद रहने से सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि, कुछ जगहों पर दुकानें खुली रहीं। धरनास्थल पर श्रद्धालुओं के अलावा व्यापारी व राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोगों ने अपना समर्थन दिया। रेहड़ी-ठेली वाले भी धरनास्थल पर पहुंचे।
शामली से आए पश्चिमी उप्र उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम दास गर्ग ने कहा कि मंदिरों में चोरी की घटना पुलिस की निष्क्रियता दर्शाती है। एक घटना का खुलासा नहीं हुआ, जबकि दूसरे मंदिर में चोरी कर ली गई। उन्होंने उच्च अधिकारियों से वार्ता करते हुए घटनाओं के खुलासे की मांग की। प्रदेश उपाध्यक्ष अंकित गोयल ने घटना पर गहरा रोष जाहिर किया।
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व्यापारी नेता विपुल जैन ने कहा कि रातभर उन्हें बुलाकर अधिकारी घटनाओं को दबाने में लगे थे, लेकिन यह आस्था का सवाल है। घटनाओं का खुलासा नहीं होने तक धरना जारी रहेगा। भाजपा नेता संजीव जैन ने कहा कि इस मामले में जो भी दोषी है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। जिस अधिकारी की लापरवाही सामने आती है उसे भी नहीं बख्शा जाना चाहिए। आंदोलनरत लोगों ने धरनास्थल पर ही दोपहर का भोजन किया। एहतियातन पुलिस व पीएसी के जवान तैनात रहे।
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