परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली
शामली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहारनपुर मंडल की समीक्षा के दौरान शामली जनपद में चल रहे विकास कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने 50 लाख से अधिक की परियोजनाओं की प्रगति जानी। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई समीक्षा में शामिल सांसद और विधायकों ने भी सीएम से कई कार्यों को पूर्ण कराने की मांग की। साथ ही गन्ना मूल्य भुगतान कराने के लिए भी कहा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहारनपुर मंडल के तहत शामली जनपद में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा में डीएम जसजीत कौर ने बताया कि नई सड़कों का निर्माण, सेतु निर्माण, सड़कों की गड्ढा मुक्ति के साथ-साथ जनपद में निर्माणाधीन जिला चिकित्सालय के बारे में सीएम को अवगत कराया गया। 100 बेड के अस्पताल का भवन बन चुका है। अमृत योजना एवं राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल की 25 निर्माणाधीन परियोजनाओं में 55.54 करोड़ से कराये जा रहे कार्यों की प्रगति की भी जानकारी दी। जिले में 50 लाख से ऊपर लागत की निर्माणाधीन 55 परियोजनाओं की कुल लागत 308.74 करोड़ के सापेक्ष 173.95 करोड़ अवमुक्त होने एवं 160.35 करोड़ खर्च होने के बारे में बताया गया। गन्ना मूल्य के 617 करोड़ के भुगतान, यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता, कृष्णी नदी के जीर्णोद्धार कार्य के बारे में सीएम को बताया। पुलिस लाइन निर्माण के लिए धनराशि अवमुक्त करने, पीएसी भवन की स्थापना, विकास भवन के संशोधित आंकलन के अनुसार धनराशि स्वीकृत करने तथा जिला अस्पताल में स्टॉफ की तैनाती के लिए अनुरोध किया गया। सदर विधायक तेजेंद्र निर्वाल ने न्यायालय भवन, स्टेडियम निर्माण, कांधला में नहर की पटरी का विकास, मनकामेश्वर एवं सिद्धेश्वर सूरजकुंड मंदिर का विकास, लांक एवं बनत में जीआईसी निर्माण तथा गन्ना मूल्य भुगतान की मांग रखी गई।
एमएलसी वीरेंद्र सिंह ने पंजोखरा में स्टेडियम में कोच की नियुक्ति, ककड़ीपुर तक नहर की पटरी का निर्माण, इस्सोपुर टील का पर्यटन स्थल के रूप में विकास की मांग की गई। सांसद प्रदीप चौधरी ने न्यायालय, स्टेडियम, मेडिकल कॉलेज, पीएसी की स्थापना, राजकीय महाविद्यालय एवं राजकीय इंटर कॉलिज के साथ ही चौसाना से बिडौली तक छह किलोमीटर सड़क चौड़ीकरण की मांग की। सीएम ने लंबित प्रस्तावों का समय से निस्तारण, ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालयों एवं पंचायत भवनों के निर्माण को गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी परियोजना में धन का अभाव रहता है, तो शासन स्तर से अविलंब धन आवंटित करा दिया जाएगा। वीसी में सीडीओ शंभूनाथ तिवारी भी शामिल हुए।