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पेट पर अंगोछे से बांधकर ले आए एक करोड़ की स्मैक

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कांधला (शामली) पुलिस द्वारा पकडे़ मादक पदार्थ के आरोपी। - फोटो : SHAMLI
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कांधला (शामली)। स्वॉट टीम और कांधला थाना पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 1.20 किलोग्राम स्मैक बरामद हुई। पुलिस का दावा है कि इसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब एक करोड़ रुपये है। आरोपी ट्रक में अपने पेट पर अंगोछे से बांधकर बरेली से स्मैक लाए और कांधला में सप्लाई की जानी थी। गैंग का मास्टरमाइंड फरार हो गया है।
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एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि रविवार रात मुखबिर की सूचना पर कांधला थानाध्यक्ष कर्मवीर सिंह और स्वाट टीम प्रभारी सत्यपाल सिंह ने टीम के साथ कांधला कस्बे में छोटी नहर पुल पर चेकिंग के दौरान ट्रक पकड़ा। ट्रक चालक और उसमें सवार एक अन्य की तलाशी ली तो उनके पेट पर अंगोछे से बंधी हुई करीब एक किलो 20 ग्राम स्मैक (नशीला पाउडर) बरामद हुई। दोनों ने अपने नाम तसव्वुर निवासी मन्ना माजरा कैराना और कृष्णपाल निवासी करनाल हरियाणा बताया। स्मैक की डिलीवरी लेने आए फुरकान और अरबीन को पुलिस ने घेरा, लेकिन अरबीन फरार हो गया जबकि फुरकान निवासी मन्ना माजरा थाना कैराना को पकड़ लिया गया। अरबीन को तलाशा जा रहा है।
- एक डिलीवरी के मिलते थे 50 हजार
एसओ कांधला के अनुसार आरोपी तसव्वुर और कृष्णपाल ने बताया कि ये स्मैक मन्ना माजरा निवासी फुरकान और अरबीन मंगाते हैं। उनके द्वारा ही फरीदपुर (बरेली) से इसे मंगाया गया था। मायापुर फार्म वाली रोड पर उन्हें इसकी सप्लाई देनी है। इसकी एवज में उन्हें 50 हजार रुपये मिलते हैं।
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- अरबीन के मिलने पर ही खुलेंगे राज
आरोपियों से पूछताछ के आधार पर एसपी ने बताया कि ये चारो मिलकर इस काम को करते हैं। स्मैक कहां से लानी है, क्या भेजना है। किस भाव में लेते हैं कितने में बेचते हैं। भुगतान किस तरह देना और लेना है। ये तमाम जानकारियां इन्हीं को पता है। फुरकान का कहना है कि सब बातें अरबीन को ही पता रहती हैं। इसलिए अरबीन की गिरफ्तारी के बाद ही सभी जानकारियों का पता चलेगा।
- मुकदमों का पता लगा रही पुलिस
एसओ कांधला के अनुसार पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ किसी और आपराधिक मुकदमे की फिलहाल जानकारी नहीं मिली है फिर भी पुलिस पता लगाने की कोशिश कर रही है। हो सकता है कि ये किसी ओर नाम से कहीं पकड़े गए हों।
- अभी भी कई सवाल अनसुलझे
पुलिस के गुड वर्क में कई सवाल अभी भी अनसुलझे हैं। सवाल है कि इन दिनों लॉकडाउन में जगह जगह चेकिंग हो रही है तो ये लोग बरेली से शामली तक एक करोड की स्मैक लेकर कैसे पहुंच गए। इन दिनों केवल आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई करने वाले वाहनों को ही आवागमन की छूट है, जबकि ये लोग खाली ट्रक से आ रहे थे। सवाल उठता है कि बरेली से इन्हें रास्ते में क्यों नहीं पकड़ा गया ? क्या कहीं चेकिंग नहीं हुई ? बकौल पुलिस डिलीवरी लेने वालों में फुरकान भी था तो फिर क्या फुरकान ने कोई राज नहीं उगला, क्या इन चारों के पीछे और कोई मददगार तो नहीं, जिसके दम पर ये लोग ये अवैध धंधा करते हैं।
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