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टोल फ्री नंबर गन्ना किसान कर सकेंगे शिकायत

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टोल फ्री नंबर गन्ना किसान कर सकेंगे शिकायत
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शामली। गन्ने से जुड़ी कोई भी समस्या और शिकायत को किसान अब ऑनलाइन ही दर्ज करा सकते हैं और समाधान भी हो सकेगा। किसानों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। टोल फ्री नंबर जारी कर यह सेवा गन्ना किसानों के लिए गन्ना विभाग ने शुरू कराई है।
जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह ने बताया कि गन्ना विभाग ने टोल फ्री नंबर 1800-121-3203 प्रारंभ किया है। पर्ची संबंधी शिकायत के लिए एमिटी सॉफ्टवेयर लिमिटेड द्वारा भी टोल फ्री नंबर 1800-103-5823 भी प्रारंभ कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी के निर्देश पर किसान को यदि सर्वे, सट्टा, कैलेंडर, पर्ची आदि की कोई समस्या है, तो वह पहले एमिटी के टोल फ्री नंबर 1800-103-5823 पर कॉल कर अपनी समस्या दर्ज करा सकता है या विभागीय कॉल सेंटर टोल फ्री नंबर 1800-12132-03 पर भी अपनी समस्या दर्ज करा सकता है।
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टोल फ्री पर कॉल करने के बाद कॉल सेंटर प्रभारी द्वारा किसान की समस्या नोट कर ली जाएगी। किसान का नाम पता किसान कोड एवं ग्राम कोड पूछने के बाद शिकायत संबंधित जिला स्तरीय अधिकारियों एवं संबंधित अधिकारी को ट्रांसफर की जाती है। संबंधित अधिकारी किसान से संपर्क कर शिकायत का निस्तारण करते हैं। शिकायत का निस्तारण होने के बाद कृषक को एसएमएस द्वारा सूचना दी जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि किसान बंधु ई-आरपी के वेब पोर्टल www.canup.in अथवा ई-गन्ना एप के Grievance Redressal कॉलम में अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि गन्ना प्रजाति एवं कीट रोग एवं गन्ना विकास एवं सहकारी गन्ना विकास समितियों एवं सहकारी चीनी मिल समितियों में स्थापित ‘फार्म मशीनरी बैंक’ से मशीन मिलने में या उनमें किराये संबंधी कोई समस्या हो तो किसान विभागीय टोल फ्री नंबर 1800-121-3203 पर शिकायत दर्ज कर अपनी समस्या का त्वरित समाधान पा सकते हैं।
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गन्ने की खेती से जुड़ी नवीनतम जानकारियों तथा कीट रोग आदि के रोकथाम उपायों के लिए गन्ना किसान भारत सरकार के किसान कॉल सेंटर टोल फ्री नंबर 1800-180-1551 पर भी कॉल कर कृषि वैज्ञानिकों से अपनी समस्या का निदान पा सकते हैं। इस टोल फ्री नंबर की सहायता से किसान सीधे कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों से जुड़ जाता है।
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