शामली। जिले की ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों और सामुदायिक शौचालयों के संचालन में गोलमाल की आशंका है। गांव डोकपुरा में सामुदायिक शौचालय पर पिछले करीब तीन वर्षों से ताला लटका हुआ है, लेकिन रिकॉर्ड में शौचालय चालू दिखाकर केयरटेकर के मानदेय का भुगतान लगातार किया जा रहा है। वहीं, टपराना, मालैंडी, गंगारामपुर खेड़की और गुर्जरपुर ग्राम पंचायतों में भी ई-स्वराज पोर्टल पर पुराने, अधूरे और एक जैसे बिल अपलोड कर भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने का मामला सामने आया है। मामला उजागर होने के बाद डीपीआरओ ने जांच बैठा दी है।
ताला लटका, फिर भी जारी होता रहा मानदेय
डोकपुरा का सामुदायिक शौचालय पिछले तीन वर्षों से बंद पड़ा है। शौचालय के मुख्य गेट पर ताला लगा हुआ मिला।
ग्रामीण लाभ सिंह, जुल्फान चौधरी का कहना है कि शौचालय बनने के कुछ समय बाद ही बंद हो गया था। पिछले तीन वर्षों से उस पर ताला लटका है। कई बार शिकायत करने के बाद भी इसे चालू नहीं कराया गया। इसके बावजूद ई-स्वराज पोर्टल पर मई 2026 में केयरटेकर के मानदेय के रूप में 12 हजार रुपये तथा नवंबर 2025 में 24 हजार रुपये के भुगतान से संबंधित बिल अपलोड किए गए है। ग्राम सचिव के अनुसार वर्ष 2021 में करीब चार लाख रुपये की लागत से सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया था। उनका कहना है कि सफाई व्यवस्था प्रभावित होने के कारण शौचालय बंद है और जल्द इसे दोबारा शुरू कराया जाएगा।
एक ही बिल से कई भुगतान का खेल
टपराना ग्राम पंचायत के प्रधान के मानदेय के लिए अपलोड किया गया करीब 55 हजार रुपये का बिल बाद में सीसी सड़क, पानी की टंकी और अन्य विकास कार्यों के भुगतान में भी अपलोड कर दिया गया। जून और जुलाई माह में भी वही बिल दोबारा इस्तेमाल किया गया। कई बिल बिना हस्ताक्षर के पोर्टल पर अपलोड मिले।
अधूरे और कच्चे बिल भी अपलोड
मालैंडी ग्राम पंचायत में सड़क मरम्मत और नाला सफाई के अधूरे बिल अपलोड किए गए हैं। गंगारामपुर खेड़की में भी कच्चे बिल पोर्टल पर चढ़ा दिए गए। गुर्जरपुर में पंचायत भवन की दीवार और सीसी निर्माण के करीब 15 लाख रुपये के भुगतान के लिए भी अधूरा बिल अपलोड मिला।
चार लाख से बना, फिर भी बेकार पड़ा
पूरे जिले में होगी जांच
जिलाधिकारी आलोक यादव ने कहा कि यदि बंद शौचालय के बावजूद केयरटेकर के नाम पर भुगतान हुआ है तो यह बेहद गंभीर मामला है। केवल डोकपुरा ही नहीं, बल्कि अन्य ग्राम पंचायतों के सामुदायिक शौचालयों और उनसे जुड़े भुगतानों की भी जांच कराई जाएगी। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दोषियों पर होगी कार्रवाई
डीपीआरओ संदीप अग्रवाल ने बताया कि डोकपुरा में बंद शौचालय के बावजूद भुगतान और अन्य ग्राम पंचायतों में पुराने व गलत बिल अपलोड किए जाने की शिकायत मिली है। मामले की जांच शुरू करा दी गई है। जांच में जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
एक्सक्लूसिव... डोकपुरा गांव में शौचालय पर लटका ताला।संवाद