शामली महायोजना 2031 पर आपत्तियों की सुनवाई का आज अंतिम दिन
290 आपत्तियों पर हो चुकी है सुनवाई
सुनवाई पूरी हो जाने के बाद बोर्ड बैठक में होगी प्रस्तुत
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की प्रस्तावित शामली महायोजना 2031 में आपत्तियों पर सुनवाई के लिए एक दिन और बढ़ा दिया है। अब बृहस्पतिवार को भी सुनवाई होगी। पिछले पांच दिन में 290 आपत्तियों पर सुनवाई हो चुकी है। बृहस्पतिवार को 25 आपत्तियों व छूटे आपत्ति करने वाले किसान, व्यापारियों और उद्यमियों की सुनवाई होगी। आपत्तियों के निस्तारण के बाद इसे प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद इसे लागू कराने के लिए शासन को भेजा जाएगा।
नए साल में मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की ओर से शामली महायोजना 2031 का प्रकाशन किया गया था। जिस पर 315 आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। आपत्तियों पर सुनवाई के लिए छह सदस्यीय समिति गठित होने के बाद 17 जून से सुनवाई शुरू हुई। पांचवें दिन बुधवार तक 290 पर सुनवाई हो सकी। 25 आपत्तियों पर बृहस्पतिवार को सुनवाई की जाएगी। प्राधिकरण के सचिव महेंद्र प्रसाद ने बताया कि सुनवाई के लिए एक दिन और बढ़ा दिया है। अंतिम दिन की सुनवाई के बाद समिति आपत्तियों के निस्तारण का परीक्षण करेगी। इसके बाद प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में सहारनपुर के मंडलायुक्त के समक्ष महायोजना प्रस्तुत की जाएगी। बोर्ड बैठक की संस्तुति के बाद प्राधिकरण की ओर इसे शासन को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
प्रकाशन होते ही शुरू हो गया था विरोध
शामली महायोजना 2031 का ड्राफ्ट का प्रकाशन होते ही विरोध शुरू हो गया था। महायोजना की बुकलेट मिलते ही खामियां सामने आने पर इसे स्थगित करने की मांग उठने लगी थी। भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवीर सिंह मुंडेट के साथ जिले के लोगों ने मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण कार्यालय कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किए थे। अधिकारियों को महायोजना स्थगित करने के ज्ञापन सौंपे थे।
इस तरह की खामियां आई थीं सामने
जिले के लोगों ने आरोप लगाया था कि महायोजना का ड्राफ्ट शामली की जनता की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार नहीं किया गया। विधि अनुरूप सर्वे भी नहीं किया गया। ड्राफ्ट में भूमि के नंबर भी नहीं दर्शाए हैं। शामली नगर पालिका परिषद और विकास प्राधिकरण की वास्तविक सीमा नहीं दर्शाई। कुड़ाना रोड पर आबादी के पास नवीन औद्योगिक क्षेत्र, करनाल रोड पर आवासीय बस्ती के समीप बस अड्डे दर्शाए हैं। व्यावसायिक भवनों को आवासीय कॉलोनी दर्शा दिया है। वहीं, शिक्षण संस्थानों को सामुदायिक केंद्र योजना में दिखाया है।