कांधला। दो बिरादियों में कब्रिस्तान का विवाद फिर गरमा गया। अंसारी बिरादरी के युवक का इंतकाल होने पर जब उसका शव दफनाने को लोग कब्रिस्तान पहुंचे, तो पठान बिरादरी के लोगों ने कब्रिस्तान के गेट की चाबी नहीं दी। अंसारी बिरादरी के लोगों ने थाने पर हंगामा किया। बाद में कांधला नगर पालिका के चेयरमैन वाजिद हसन के हस्तक्षेप पर दोनों बिरादरी के जिम्मेदार लोगों की पंचायत हुई, इसमें शव कब्रिस्तान में दफनाने पर सहमति बनी।
बुधवार को दोपहर के समय कांधला के मोहल्ला नई बस्ती निवासी शहीद का बीमारी के कारण इंतकाल हो गया। परिजनों समेत अंसारी बिरादरी के लोग उसका शव दफनाने के लिए मुस्तफादबाद स्थित कब्रिस्तान पहुंचे, तो कब्रिस्तान के गेट पर ताला लगा मिला। उसकी चाबी पठान बिरादरी के लोगों के पास रहती है। लोगों ने चाबी मांगी, तो पठान बिरादरी के लोगों ने इंकार कर दिया।
पठान बिरादरी के लोगों ने कहा कब्रिस्तान पर उनकी बिरादरी के लोगों के साथ मोहल्ला मिर्दगान के ही कुछ अंसारी बिरादरी के लोगों का हक है। नई बस्ती या अन्य मोहल्लों के लोगों का कब्रिस्तान पर कोई हक नहीं है। कब्रिस्तान की चाबी न मिलने से अंसारी बिरादरी के लोगों में रोष फैल गया।
इसके कारण दोनो पक्षों के लोग आमने सामने आ गए, कुछ जिम्मेदार लोगों ने बीच बचाव कराया। इसके बाद अंसारी समाज के लोग थाने पहुंचे और दूसरे पक्ष के लोगों की शिकायत कर शव दफनाने की मांग कर हंगामा किया। थानाध्यक्ष नरेश यादव ने कहा दोनों बिरादरी के लोग इस समस्या का समाधान करने में लगे हैं।
उधर, कांधला नगर पालिका के चेयरमैन हाजी वाजिद हसन उर्फ बबला के हस्तक्षेप करने पर रात करीब पौने सात बजे दोनों पक्षों के पांच पांच जिम्मेदार लोगों की पंचायत हुई। इसमें निर्णय हुआ अभी तो मृतक का शव कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा, लेकिन समस्या का स्थायी हल निकालने के लिए जल्दी ही दोनों बिरादरियों की पंचायत होगी।