झिंझाना में हुए हादसे में कार चालक जयकिशन भी लंबे सफर और पूरी रात कार ड्राइव करने के कारण थक चुका था। करीब 900 किमी का सफर तय करने के बाद वह अपने घर से मात्र 70 किमी दूर रह गए थे, लेकिन इसी दौरान कार चालक को नींद की झपकी लग गई। जिस वक्त कार डिवाइडर से टकराई उस समय कार में सवार सभी सदस्य गहरी नींद में सोए हुए थे।
मौत ने उन पर ऐसा झपट्टा मारा कि उनकी आंखें नहीं खुली। ट्रक व स्कार्पियो की टक्कर के बाद जोरदार धमाका हुआ और दोनों पलट गए। हादसे के बाद ग्रामीण अर्जुन, रमेश, सतीश, भोपाल, देवेंद्र आदि मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बताया कि कार में सवार लोगों में से किसी भी आहट तक नहीं सुनाई दे रही थी। एक-एक सभी को बाहर निकाला तो इनमें से एक बच्चे सहित पांच दम तोड़ चुके थे। बाकि घायलों की भी आंखे बंद थी, लेकिन वह जिंदा थे। पुलिस की सहायता से उनको अस्पताल भिजवाया गया।
मिनट दर-दर मिनट
5.55 बजे : स्कार्पियो ट्रक से टकराई।
5.56 बजे : होटल पर काम कर रहे लोग घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू।
6.20 बजे : पुलिस की जीप घटनास्थल पर पहुंची।
6.25 बजे : दो घायलों को लेकर अस्पताल के लिए निकली पुलिस।
6.30 बजे : दूसरी थाने की दूसरी गाड़ी पहुंची और बच्चे सहित तीन घायलों को दोबारा अस्पताल लेकर पहुंची।
6.50 बजे : 108 एंबुलेंस पहुंची, जिसके बाद शव को अस्पताल भिजवाया।
7.00 बजे : सीओ मौके पर पहुंचे और हादसे की जानकारी ली।
8.30 बजे : सड़क से क्षतिग्रस्त गाड़ी को हटवाकर ट्रैफिक सुचारु कराया।