शामली में पारिवारिक विवाद और गृह क्लेश के चलते पुरमाफी में पत्नी की हत्या चार दिन में दूसरी घटना है। इससे पहले डेरा लालसिंह पुर में भी दो महिलाओं की हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या की वजह भी पारिवारिक विवाद ही रही थी।
झिंझाना थानाक्षेत्र के गांव डेरालाल सिंह पुर में आठ मई को विक्रम ने अपने तीन भाइयों के साथ मिलकर अपनी पत्नी शिवानी उर्फ सोनिया और उसकी बहन डिंपल पत्नी ऋषिपाल निवासी गांव रिशपुर थाना सनौली खुर्द हरियाणा की लाठी-डंडों से पीटकर व गला दबाकर हत्या कर दी थी। घटना के पीछे पारिवारिक विवाद सामने आया था। पुलिस ने विक्रम व उसके भाई सुनील को गिरफ्तार कर लिया था। बुधवार को इसी थानाक्षेत्र के गांव पुरमाफी में अनुज ने अपनी पत्नी पिंकी उर्फ नीलम की फावड़े से प्रहार कर हत्या कर दी। इस घटना के पीछे भी पुलिस ने पारिवारिक विवाद सामने आना बताया है। इस तरह से आपसी विवाद में चार दिन में तीन महिलाओं की जान चली गई।
महिला की हत्या के बाद पुरमाफी में पसरा सन्नाटा
झिंझाना क्षेत्र के गांव पुरमाफी में पति द्वारा पत्नी की हत्या के बाद गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा रहा। ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन पारिवारिक मामला होने के कारण कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं हुआ। पुरमाफी में पत्नी की हत्या करने के बाद कुछ ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने मामूली विवाद में महिला की हत्या पर अफसोस तो जताया, लेकिन पारिवारिक मामला होने के कारण कुछ ज्यादा नहीं बता पाए। घटना के बाद गांव की गलियां सूनी पड़ी रहीं। पुलिस के मुताबिक, अभी तक की जांच में सामने आया कि आरोपी अनुज शराब पीने का आदी था, जिसका उसकी पत्नी विरोध करती थी, जिसे लेकर दोनों के बीच अक्सर कहासुनी होती थी। बताया गया है कि इसे लेकर तीन-चार दिन से आरोपी अनुज मानसिक तनाव में चल रहा था। शायद किसी को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि पिंकी का विरोध करना इतना भारी पड़ेगा कि उसकी हत्या कर दी जाएगी।
बेटे पर भी की थी हमले की कोशिश
पुलिस की जांच में सामने आया कि मृतका का 15 साल का बेटा हर्ष है। घटना के समय वह भी घर पर मौजूद था। बताया गया है कि पत्नी की हत्या के बाद आरोपी ने अपने बेटे पर भी फावड़े से हमला करने की कोशिश की, लेकिन उसने भागकर जान बचाई। पुलिस का कहना है कि मृतका का बेटा अभी घटना के बारे में कुछ ज्यादा नहीं बता पा रहा है। उससे घटना के बारे में जानकारी की जाएगी।