शामली। यमुना नदी से रेत खनन कर लाने वालों से अवैध वसूली में पुलिसकर्मी लिप्त हैं। इसकी जांच पुलिस अधिकारियों ने भी की, लेकिन कार्रवाई नहीं की।
अमर उजाला में जब पुलिसकर्मियों द्वारा अवैध वसूली के फोटो प्रकाशित हुए, तब अधिकारियों की नींद टूटी और मामले को संज्ञान में लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।
झिंझाना क्षेत्र में अधिकृत खान व स्टॉक के नाम पर अवैध रूप से रेत खनन का खेल चल रहा है। रेत खनन कर ला रहे वाहनों से वसूली के
नाम पर झिंझाना क्षेत्र में करनाल रोड पर बाकायदा चौकियां बनी हुई है। इन पर पुलिसकर्मियों द्वारा रेत से भरे वाहनों से अवैध वसूली की जाती है।
प्रत्येक चौकी पर रेत से भरी ट्रैक्टर ट्रॉलियों से 100 से 300 रुपये वसूले जाते हैं। बुधवार को अमर उजाला ने करनाल रोड पर पुलिसकर्मियों द्वारा अवैध वसूली किए जाने की खबर फोटो सहित प्रकाशित की, तो पुलिस व प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन फानन में पुलिस अधीक्षक ने कार्रवाई करते हुए झिंझाना क्षेत्र के तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।
पुलिस अधीक्षक विजय भूषण ने बताया कि थाना झिंझाना पर तैनात आरक्षी आरिफ, आरक्षी बाबूराम तथा सुशील कुमार को क्षेत्र में बालू खनन करने वालों से अवैध वसूली करने पर निलंबित कि या गया है। साथ ही इस पूरे मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार झा को सौंपी गई है।
अभियान चलाकर जानी सच्चाई
दरअसल, पुलिस अधिकारियों को भी चौकियों से रेत खनन कर लाने वाले वाहनों से अवैध वसूली की शिकायतें मिल रही थी, लेकिन जानबूझकर अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे थे। पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में आया कि करनाल रोड पर बनी चौकियों पर रात को पुलिसकर्मी केवल रेत से लदे वाहनों से वसूली के लिए ही जागते हैं, तो पुलिस अधिकारियों ने स्वयं अभियान चलाया। जिससे पूरी सच्चाई सामने आई।
अन्य पर भी हो सकती है कार्रवाई
हालांकि अभी पुलिस अधीक्षक ने तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस अधिकारियों ने हर चौकी व थाने पर अवैध वसूली करने वाले पुलिसकर्मियों को चिह्नित कर लिया है। उन पर भी गाज गिर सकती है, क्योंकि यह पुलिसकर्मी अफसरों के नाम लूट मचा रहे हैं।