शामली। आदर्श मंडी थाना पुलिस ने रविवार को म्यूल खाते में रकम मंगाकर तीन करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी करने के मामले में कैराना के फल विक्रेता समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी गई रकम के 55 हजार रुपये बरामद किए। आरोपियाें ने बेंगलुरू, तेलंगाना और पश्चिमी बंगाल के लोगों से ट्रेडिंग में निवेश करने पर मुनाफे का झांसा देकर ठगी की थी। देर शाम पुलिस ने एक आरोपी सादिक को नोटिस देकर छोड़ दिया जबकि दो अन्य को कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
एसपी एनपी सिंह ने बताया कि एनसीआरपी पोर्टल पर साइबर ठगी की शिकायतों के आधार पर म्यूल बैंक खाते की जांच आदर्श मंडी थाना पुलिस को सौंपी थी। पुलिस जांच में सामने आया कि म्यूल खाता केनरा बैंक में सादिक निवासी मोहल्ला खैलकलां कैराना के नाम से पाया गया। इस खाते के बंगलुरू, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना से ट्रेडिंग इनवेस्टमेंट का झांसा देकर 11 लाख 64 हजार, 913 रुपये और अन्य रकम साइबर ठगी से इस खाते में आई थी।
खाताधारक सादिक ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसके बैंक खाते का इस्तेमाल मयंक उर्फ सन्नी निवासी मोहल्ला बेगमपुरा कैराना और विशाल निवासी मोहल्ला टीचर्स काॅलोनी कैराना करते हैं। जांच में सामने आया कि आरोपियों द्वारा अन्य म्यूल खातों में भी रकम मंगवाई है, जिसकी जांच की जा रही है।
इस तरह से बनी थी साइबर ठगी की योजना
एसपी एनपी सिंह ने बताया कि खाताधारक सादिक कस्बा कैराना में फलों का ठेला लगाता है। सादिक ने पूछताछ में बताया कि मयंक ने उससे कहा कि उसे सेविंग खाते की जरूरत है, जिसमें करोड़ों रुपये का ट्रांजेक्शन होगा, जिसमें अच्छा कमीशन मिलेगा। सादिक ने कमीशन तय करते हुए योजनाबद्ध तरीके से कैराना बैंक के सेविंग खाते की डिटेल पासबुक की फोटो, यूजर आईडी, पासवर्ड व सिम मयंक को दे दिए। मयंक ने अपने साथी विशाल के साथ मिलकर बैंक खाते का इस्तेमाल किया।
इनसे हुई ठगी
- विनय निवासी रामचंद्रपुरा मेन रोड पिलिगोवड़ा लेआउट विधानारायणपुरा बेंगलुरू से 70 हजार रुपये।
- नीरज सुहाल निवासी रामचंद्रपुरा मेन रोड पिलिगोवड़ा लेआउट विधानारायणपुरा बेंगलुरू से 50 हजार रुपये।
- श्रीधर निवासी डोडाबोमास आंंद्रा बेगलुरू से 50 हजार रुपये।
- सोमा शाह निवासी विला थाना रोड आंदल वेस्ट बंगाल से 8,90,815 रुपये।
- मोहल्ला शहदुल्ला निवासी कौमारवैली सिद्धिपेट तेलंगाना से 1,04,098 रुपये।
- अन्य रकम दूसरे लोगों से ठगी कर खाते में मंगाई गई। पुलिस इस रकम की भी जांच कर रही है।
जिले में पूर्व में पकड़े जा चुके म्यूल खाते
21 जनवरी को पुलिस ने कई राज्यों में साइबर ठगी की रकम मंगाने व कमीशन लेने साइबर पुलिस ने हिमांक प्रशांत कनव निवासी सदर वल्लभ भाई पटेल नगर मुंबई और उनकी पत्नी सुरभि भार्गव निवासी गगन विहार शामली को गिरफ्तार किया था। साइबर सेल ने म्यूल खाते से अन्य खातों में ट्रांसफर किए गए 98,38,276 रुपये होल्ड कराए थे। एक माह पहले झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव रंगाना निवासी मंडी व्यापारी के म्यूल खाते का इस्तेमाल कर करीब 35 लाख रुपये का लेन दिन किया गया था। खाताधारक ने पुलिस में चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसके अलावा बाबरी थाने पर भी म्यूल खाते से साइबर ठगी का मामला दर्ज हुआ था।
दिल्ली की कंपनी में एजेंट के तौर पर करते थे कम
एसपी ने बताया कि विशाल बीटेक किया है जबकि मयंक इंटर पास है। पूछताछ में पता चला है कि दोनों दिल्ली के एक कंपनी में एजेंट के तौर पर काम करते थे। उन्हें कंपनी की तरफ से 25 -25 हजार रुपये मानदेय व खाता खुलवाने पर कमीशन दिया जाता था। म्यूल खाते में ठगी की रकम को उस कंपनी के खातों में भेजते थे। कंपनी के संचालकों की तलाश की जा रही है। कंपनी के बैंक खाते में मिले करीब 72 लाख रुपये होल्ड कराए गए है। ये लोग ठेला रेहड़े वालो को लोन कराने का झांसा देकर खाता खुलवाते थे। कैराना में अन्य तीन म्यूल खातों की जानकारी मिली है, जिनकी जांच चल रही है।
जागरूकता ही साइबर ठगी से बचाव
एसपी एनपी सिंह का कहना है कि साइबर ठगी से बचने के लिए किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, चेक बुक या एटीएम कार्ड किराए पर न दें और न ही किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करें। एक छोटा सा लालच आपके लिए बड़ी समस्या बन सकता है। साइबर ठग टेलीग्राम ग्रुप व व्हाट्सएप पर लिंक भेजकर लोगों को ट्रेडिंग इन्वेस्टमेंट के नाम पर झांसे में लेकर ठगी करते हैं। इसलिए सभी लोगों को जागरूक रहने की जरूरत है।
साइबर ठगी करने में पकड़े गए आरोपी मयंक व विशाल। स्रोत पुलिस