शामली। जिले में तीन हाईवे गुजरते हैं, लेकिन सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर घायलों को समय पर समुचित उपचार की व्यवस्था नहीं है। किसी भी हाईवे पर ट्रॉमा सेंटर न होने के कारण गंभीर घायलों को हायर सेंटर रेफर करना पड़ता है, जिससे मरीज की जान जोखिम में रहती और कई बार घायल की रास्ते में जान चली जाती है। यह हाल तब है जबकि शासन से करीब एक साल पहले ट्रॉमा सेंटर के लिए 1.20 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हो चुका है, लेकिन प्रशासन द्वारा अभी तक इसके लिए भूमि चिन्हित नहीं कर पाया है।
शामली में जिला मुख्यालय से पानीपत-खटीमा, दिल्ली - यमुनोत्री और मेरठ-करनाल हाईवे गुजरते हैं। हाईवे के अलावा भी जिले में अन्य कई प्रमुख सड़कें हैं, जिन पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में लोग गंभीर घायल होते हैं। जिले में अभी तक ट्रॉमा सेंटर न होने के कारण सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर समुचित उपचार नहीं मिल पाता, जिससे उनकी जान जोखिम में पड़ी रहती है। सीएचसी व पीएचसी से गंभीर घायलों को मुजफ्फरनगर, मेरठ व अन्य हायर सेंटरों पर रेफर किया जाता है। कई मामलों में घायल की बीच रास्ते में ही मौत हो चुकी है। गंभीर घायलों के समुचित उपचार व्यवस्था के लिए शासन ने जिले में ट्रॉमा सेंटर के निर्माण को मंजूरी देते हुए 1.20 करोड़ रूपये का बजट स्वीकृत किया था और प्रशासन को इसके लिए भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए थे। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन अभी तक भूमि की तलाश नहीं कर पाया है। ऐसी स्थिति में यह प्रोजेक्ट खटाई में पड़ सकता है।
थानाभवन में चिन्हित भूमि का प्रस्ताव हुआ खारिज
स्वास्थ्य विभाग ने पिछले साल बजट स्वीकृत होने के बाद ट्रॉमा सेंटर के लिए थानाभवन के निकट करीब दो हजार वर्ग मीटर भूमि चिन्हित कर शासन को प्रस्ताव भेजा था। शासन ने इस प्रस्ताव को खारिज करते हुए जिला मुख्यालय पर जिला अस्पताल के निकट ट्रॉमा सेंटर के लिए भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए, लेकिन अभी तक भूमि की तलाश नहीं हो सकी है।
ट्रॉमा सेंटर में सुविधाएं
न्यूरो, हड्डी व पेट के लिए अलग-अलग ऑपरेशन थियेटर।
आईसीयू, ब्लड बैंक, एमआरआई, सीटी स्कैन आदि जांचें।
सिर से पैर तक की सर्जरी की व्यवस्था।
न्यूरो सर्जन, आर्थोपेडिक समेत सभी सर्जन व निश्चेतक।
ट्रॉमा सेंटर के लिए अलग से एंबुलेंस।
वर्जन
जिले में ट्रॉमा सेंटर के लिए शासन स्तर से बजट स्वीकृत हुआ है। पूर्व में थानाभवन के निकट चिन्हित की गई भूमि के प्रस्ताव को शासन ने खारिज कर दिया। शासन ने जिला अस्पताल के निकट ट्रॉमा सेंटर बनाने के लिए कहा है। भूमि की तलाश की जा रही है। - डॉ. संजय अग्रवाल, सीएमओ।