इस बार नहीं लगेगा मेला गुघाल
जलालाबाद। प्राचीन जाहरवीर गोगा म्हाड़ी का ऐतिहासिक मेला इस बार नहीं लगेगा। सैकड़ों वर्षों से हर साल लगता आ रहा मेला गुघाल 30 अगस्त को द्वादशी तिथि को लगना था, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते प्रशासन ने मेला लगाने की अनुमति नहीं दी है। गोगा म्हाड़ी पर केवल पूजा-पाठ ही होगा।
कस्बे के बुजुर्ग 95 वर्षीय खजान सिंह, 88 वर्षीय सरदार बलवीर सिंह, तिलक राम, दरोगा सेवाराम कोरी, लाला गुलशन राय, भगवानदास रावड़ा, राधेश्याम बजाज, सुभाष नारंग, राजेश मुखिया आदि का कहना है कि बचपन से गुघाल मेला हर साल देखते आ रहे थे। मेले में सभी अपनी-अपनी मान्यता के अनुसार प्राचीन जाहरवीर गोगा म्हाड़ी पर झंडे, निशान, प्रसाद आदि पूरे परिवार के साथ आकर चढ़ाते हैं। फिर बच्चे मेले में खेल-खिलौने, झूलों का आनंद लेते हैं। खाने की वस्तुएं खाते हैं। मेले हमारी सभ्यता की धरोहर हैं। गोगा म्हाड़ी के पुजारी बृजमोहन, विनोद उपाध्याय आदि का कहना है कि हमारे जीवन में यह पहली बार हो रहा है कि इस बार गुघाल का प्राचीन मेला नहीं लगेगा। इस मेले में जिले के अलावा देवबंद, सहारनपुर, देहरादून, कोटद्वार, दिल्ली, हरियाणा आदि से भी श्रद्धालु आकर अपनी-अपनी मान्यता के अनुसार पवित्र निशान व प्रसाद चढ़ाते हैं। इस बार सभी श्रद्धालु अपने घरों में ही गोगा महाराज की पूजा-अर्चना कर प्रसाद चढ़ाएंगे।
भंडारों का भी नहीं होगा आयोजन
जलालाबाद। गोगा जी महाराज के भंडारे भी इस बार बंद रहेंगे। कस्बे व क्षेत्र में हर वर्ष गोगा जी महाराज की पूजा अर्चना के बाद भंडारे का आयोजन बड़े स्तर पर किया जाता था। इस बार ये आयोजन पूरी तरह से बंद रहेंगे। गोरखनाथ धर्मशाला प्रबंध समिति ने इस बार कोरोना संक्रमण के चलते भंडारे आदि का आयोजन नहीं करने का निर्णय विया है।