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कोरोना काल में राष्ट्रध्वज की भी मांग हुई कम

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कोरोना काल में राष्ट्रध्वज की भी मांग हुई कम
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शामली। कोरोना संक्रमण के चलते इस बार स्वतंत्रता दिवस पर भी बड़े आयोजन नहीं हो सकेंगे। स्कूल-कॉलेजों के साथ ही विभिन्न संस्थाओं के होने वाले सामूहिक कार्यक्रम भी कम ही होने का अंदेशा है। इसलिए इस स्वतंत्रता दिवस पर खादी आश्रम पर बिक्री के लिए आने वाले राष्ट्रध्वज की भी मांग कम ही रहने का अनुमान है। इसी को देखते खादी आश्रम के संचालकों ने सहारनपुर से कम ही तिरंगे मंगाए हैं।
स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और दो अक्तूबर को झंडा रोहण किया जाता है लेकिन ज्यादातर संस्थाएं 15 अगस्त को ही नया तिरंगा खरीदती हैं जो गणतंत्र दिवस और दो अक्तूबर को भी फहराया जाता है। शामली में स्थित खादी केंद्र से प्रतिवर्ष स्वतंत्रता दिवस पर करीब 40 से 50 राष्ट्रीय ध्वज की बिक्री होती थी, लेकिन इस बार इतनी बिक्री होने का अनुमान नहीं है। 15 से 20 राष्ट्रध्वज ही सहारनपुर के खादी आश्रम से मंगाए गए हैं। खादी आश्रम के एकाउंटेंट बृजराज सिंह ने बताया कि राष्ट्रध्वज की बिक्री कम होने का अनुमान है। इसलिए ज्यादा नहीं मंगाए गए हैं।
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खूब बिक रहे खादी के मास्क और गमछे
शामली। कोरोना संक्रमण काल में खादी के मास्क एवं गमछों की खूब मांग हो रही है। खादी आश्रम के एकाउंटेंट बताते हैं कि सहारनपुर आश्रम से 500 मास्क मंगाए गए थे। इनमें से काफी संख्या में बिक गए हैं। जो लोग खादी के मास्क ले जाते हैं, वह अन्य मास्क इस्तेमाल नहीं करते। इसके अलावा गमछे भी खूब बिक रहे हैं। गर्मी ज्यादा होने पर एक दिन में पांच से छह गमछे तक बिक जाते हैं। उन्होंने बताया कि गमछों का मूल्य 215, 220 और 225 रुपये तक है।
राष्ट्रध्वज के आकार और मूल्य
90 गुणा 60 वर्ग सेमी : 390 रुपये
120 गुणा 90 वर्ग सेमी : 500 रुपये
छह गुणा चार वर्ग मीटर : 780 रुपये
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