14 साल पहले भी ऐसे ही मचा था हाहाकार
कांधला। पटाखा फैक्टरी में शुक्रवार को हुए हादसे ने 14 साल पहले हुए इसी तरह के हादसे को याद दिला दी, जिसे याद कर लोग सहम गए। उस समय मोहल्ला रायजागान के एक मकान में पटाखा विस्फोट होने से सात लोगों की मौत हो गई थी और तीन लोग बुरी तरह से झुलसे थे।
मोहल्ला रायजादगान निवासी उमरदीन के मकान में 24 अगस्त 2006 को दोपहर में जोरदार धमाके के बाद चीख पुकार मच गई थी। पूर्व सभासद ब्रहमपाल ने बताया कि उमरदीन पटाखा बनाने का काम करता था। मोहल्ले के बच्चों और महिलाओं को कुछ पैसों का लालच देकर मजदूरी कराता था। घटना वाले दिन महिलाएं और कुछ कुछ बच्चे काम कर रहे थे। वहां रखे बारूद के समीप आग पहुंचने पर जोरदार धमाके के साथ मकान के परखच्चे उड़ गए। इस हादसे में महिलाएं और बच्चों सहित सात लोगों की मौत हुई थी और तीन लोग झुलसे गए थे। हादसे में ब्रहमपाल का बेटा आलोक भी झुलसा था। उस हादसे को याद कर आज भी लोग सहम जाते है। उस हादसे के बाद पटाखा बनाने का काम करने वाले उमरदीन को गिरफ्तार किया गया था। पीड़ित लोगों के द्वारा मजबूती से केस की पैरवी करने के कारण उमरदीन को जमानत नहीं मिल पाई थी। काफी समय तक जेल में रहने के दौरान बीमार होने पर उसकी जेल में ही मौत हो गई थी।