शामली। जिला अस्पताल शुरू हुए तीन साल से ज्यादा समय हो गया, लेकिन महिलाओं की डिलीवरी की सुविधा अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। इसकी वजह ये है कि शासन स्तर से अभी तक प्रसूति विभाग में विशेषज्ञ महिला चिकित्सक और स्टाफ की नियुक्ति नहीं हुई है। डिलीवरी के लिए सीएचसी पर निर्भर रहना पड़ता है या फिर निजी अस्पताल में महंगा शुल्क देने को मजबूर होना पड़ रहा है।
16 अगस्त 2023 को पूर्वी यमुना नहर पटरी पर गांव मुंडेट के निकट जिला अस्पताल शुरू हो गया था। इस समय अस्पताल में सीएमएस समेत 17 चिकित्सक तैनात है, लेकिन प्रसूति विभाग में महिला चिकित्सक और स्टाफ की नियुक्ति न होने के कारण महिलाओं की डिलीवरी अभी तक शुरू नहीं हुई है। डिलीवरी के लिए आने वाली महिलाओं को मेरठ मेडिकल रेफर किया जाता है या फिर उन्हें सीएचसी पर निर्भर रहना पड़ता है।
सीएचसी में 200 से ज्यादा हर महीने होती है डिलीवरी
सीएचसी शामली में रोजाना सात से आठ महिलाओं की डिलीवरी होती है। डिलीवरी के लिए सीएचसी पर निश्चेतक और महिला चिकित्सक की नियुक्ति है। इस तरह औसतम प्रति माह 200 से ज्यादा डिलीवरी हो रही है। अगर जिला अस्पताल में डिलीवरी की सुविधा शुरू हो तो महिलाओं को इसका ज्यादा लाभ मिलेगा।
निश्चेतक नहीं अभी नहीं किया ज्वाइन
जिला अस्पताल में शासन ने निश्चेतक के पद पर डॉ. स्वाति सैनी की नियुक्ति की है। दिवाली से पहले सीएमएस डॉ. किशोर कुमार आहूजा को शासन से उनकी नियुक्ति होने संबंधी पत्र प्राप्त हो गया था, लेकिन उन्होंने अभी ज्वाइन नहीं किया है। निश्चेतक न होने के कारण जिला अस्पताल में अभी तक ऑपरेशन की सुविधा भी शुरू नहीं हो सकी।
शासन से महिला प्रसूति विभाग में स्वीकृत पद
चिकित्सा अधीक्षिका एक
स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सा अधिकारी एक
बाल रोग विशेषज्ञ एक
निश्चेतक दो
ईएमओ तीन
चिकित्साधिकारी रेडियोलोजिस्ट एक
चिकित्साधिकारी पैथोलोजिस्ट एक
वरिष्ठ स्त्री रोग परामर्शदाता दो
जिला अस्पताल के महिला विभाग में अभी शासन स्तर से महिला चिकित्सक व स्टाफ की अभी नियुक्ति न होने के कारण महिलाओं की डिलीवरी की सुविधा शुरू नहीं हुई है। महिला चिकित्सक व स्टाफ की नियुक्ति के लिए शासन को कई बार पत्राचार किया जा चुका है।
- डॉ. किशोर कुमार आहूजा, सीएमएस जिला अस्पताल