शामली। प्रदेश सरकार ने सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के लिए 15 नवंबर तक अभियान चलाने के निर्देश पीडब्ल्यूडी को दिए हैं। जिले की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए 2.40 करोड़ की जरूरत थी। पीडब्ल्यूडी ने इसका एस्टीमेट तैयार कर शासन को भेज दिया था, लेकिन प्रदेश सरकार ने महज 1.21 करोड़ देकर ही हाथ खींच लिए। लिहाजा सभी सड़कों को पूरी तरह गड्ढा मुक्त नहीं किया जा सकेगा।
शहर से लेकर गांव तक की सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। जिससे आवागमन में लोगों को परेशानी हो रही है। लोग सड़कों पर हिचकोले खाने को विवश हैं। पूरा बजट नहीं मिला तो कई सड़कों पर अभी और कुछ दिनों तक लोगों को गड्ढों में ही चलना होगा। सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के सरकार के फरमान के बाद लोक निर्माण विभाग ने 2.40 करोड़ की मांग की थी, लेकिन सरकार की ओर से महज 1.21 करोड़ का बजट मिल सका। इस बजट में विभाग को 350 किमी लंबाई की सड़कों को गड्ढा मुक्त करना है। मामूली बजट में प्राथमिकता के आधार पर विभाग ने पहले स्टेट हाईवे फिर, प्रमुख जिला मार्ग और गांव के मार्गों को गड्ढा मुक्त करने का प्लान तैयार किया था। लेकिन बजट मांग से आधा ही मिला है।
गड्ढों के कारण इन सड़कों की हालत खराब
मेरठ-करनाल रोड से शामली-गढ़ीपुख्ता मार्ग को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग, मेरठ-करनाल से झाल-सल्फा मार्ग, कैराना-खतौली मार्ग, कैराना-झिंझाना-ऊन-थानाभवन मार्ग, कैराना-खुरगान, सुन्हेटी, बरनावी मार्ग, बाबरी- रायपुर, पंवार खेड़ा, तितारसी, चौसाना से मुंडेट मार्ग, बिड़ौली-चौसाना मार्ग, ऊन-चौसाना मार्ग से टोड़ा गंगारामपुर, खेड़की-शामली-श्यामला होते ऊन चीनी मिल, चौसाना बसी चुधियारी, शामली, श्यामला मार्ग, हिंड धनेना, मादलपुुर, जंधेडी, गढ़ीपुख्ता मार्ग, कैराना-खतौली मार्ग, कैराना-झिंझाना-ऊन थानाभवन मार्ग, कैराना-खुरगान, सुन्हेटी, बरनावी मार्ग, बाबरी-रायपुर, पंवार खेड़ा, तितारसी, चौसाना से मुंडेट मार्ग, बिडौली-चौसाना मार्ग, ऊन-चौसाना मार्ग से टोड़ा गंगा रामपुर, खेडकी-शामली-श्यामला होते ऊन चीनी मिल, चौसाना बसी चुधियारी, शामली-श्यामला मार्ग, हिंड धनेना, मादलपुुर, जंधेड़ी समेत 350 किमी लंबाई की सड़कों में गड्ढे हैं।
वर्जन:
गड्ढा मुक्ति के लिए शासन को 2.40 करोड़ का एस्टीमेट भेजा गया था। 1.21 करोड़ की स्वीकृत हुआ है। जिसे खर्च कर कई प्रमुख सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जाएगा। बाद में और बजट मिलने पर बाकी सड़कों को भी गड्ढा मुक्त कर दिया जाएगा। - ललित अग्रवाल, सहायक अभियंता, पीडब्ल्यूडी।