शामली। लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पेश होने के बाद हर कोई वक्फ की संपत्तियों को लेकर चर्चा कर रहा है। जिले की यदि बात की जाए तो यहां पर 1523 वक्फ की रजिस्टर्ड संपत्तियां हैं, जिनमें सबसे अधिक कैराना तहसील में 632 संपत्तियां है। इनमें 33 शिया जबकि 1490 सुन्नी की संपत्तियां हैं।
जिला अल्पसंख्यक अधिकारी मैत्री रस्तोगी ने बताया कि जिले में किसी भी संपत्ति पर विवाद नहीं है। पूर्व में कुछ विवादों का निस्तारण किया जा चुका है। शामली तहसील में कुल 548, कैराना में 632, ऊन में 343 संपत्तियां हैं।
- दो तरह की होती हैं वक्फ संपत्तियां
वक्फ अल औलाद - यह ऐसी संपत्ति होती है जिसे कोई व्यक्ति मुस्लिम समुदाय को दान में देता है। इसका मकसद किसी व्यक्ति या परिवार के कल्याण के लिए होता है।
वक्फ अलल खैर - यह ऐसी संपत्ति होती है जिसका मालिक कोई नहीं होता। इसका मकसद आम जनता के कल्याण के लिए होता है। इस संपत्ति की देखभाल की जिम्मेदारी वक्फ बोर्ड की होती है। वक्फ बोर्ड इस संपत्ति के लिए एक प्रबंधक यानी मुतवल्ली नियुक्त करता है।
- शामली में वक्फ संपत्ति का विवरण
कुल -1523
तहसील शिया सुन्नी कुल
शामली 8 540 548
कैराना 21 611 632
ऊन 4 339 343
- नोट : ब्योरा जिला अल्पसंख्यक अधिकारी से लिया गया है।