शामली। बाबरी के बीडीसी सोनू के भाई के अपहरण का शोर मचने पर क्षेत्र में सनसनी फैल गई। परिजनों ने सैकड़ों ग्रामीणों के साथ थाने पहुंचकर तहरीर दी और कार्रवाई की मांग की।
एक फरवरी को बाबरी के बीडीसी सोनू की हत्या कर दी गई थी। इस मामले मेें जिला पंचायत सदस्य शेर सिंह राणा, अनिल टीनू समेत पांच पर हत्या करने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया गया था। पुलिस आरोपियों को नहीं पकड़ सकी है। जिसके चलते कई बार मृतक सोनू के परिजनों ने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया।
रविवार को मृतक सोनू का भाई सूरज संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। परिजनों ने तलाश की, लेकिन कोई पता नहीं लग सका। उन्होंने अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी। इतना ही नहीं सूरज के पिता धनीराम दर्जनों ग्रामीणों के साथ थाने पहुंच गया और अपहरण की तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। जिस पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सूरज का मोबाइल सर्विलांस पर लगा दिया। लोकेशन वहलना मुजफ्फरनगर में मिली। सोमवार सुबह सूरज सकुशल घर लौट आया। जिसके बाद बाबरी पुलिस ने पिता व पुत्र दोनों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया।
पुलिस का कहना है कि धनीराम ने झूठी सूचना देकर गुमराह किया। उधर, थानाध्यक्ष बाबरी यूसुफ खान ने बताया कि सूरज व उसका पिता पुलिस को गुमराह करते रहे। कड़ाई से सूरज से पूछताछ की गई। वह घर में हो रहे विवाद के चलते अपनी बहन के यहां वहलना में चला गया था। पिता पुत्र के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
वहीं, मोहल्ला पंसारियान निवासी पूनम ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि मामूली विवाद में पड़ोस के युवक ने उसके पति तेजपाल के साथ मारपीट की। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। उधर, खेड़ीकरमू निवासी मनोज ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि वह अपने घर के बाहर खड़ा था। तभी पड़ोस का ही एक युवक वहां पहुंचा और गाली गलौज करने लगा। विरोध किया, तो मारपीट की।