कैराना (शामली)। 2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बसपा सुप्रीमो मायावती पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में सुनवाई हुई। सोमवार को कोर्ट द्वारा फैसला सुनाया जाना था, लेकिन शाम के समय विधायक के अधिवक्ता ने हाजिरी माफी का प्रार्थनापत्र अदालत में दाखिल कर दिया जिसमें बाद अदालत ने मुकदमे में फैसला सुनाने के लिए 13 फरवरी की तारीख निर्धारित की।
2014 में लोकसभा चुनाव में कैराना सीट से समाजवादी पार्टी से वर्तमान विधायक नाहिद हसन चुनाव लड़े थे। इस दौरान शामली में चुनाव कार्यालय के उद्घाटन के दौरान नाहिद हसन ने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बसपा सुप्रीमो मायावती पर अभद्र टिप्पणी की थी। शामली कोतवाली में नाहिद हसन के विरुद्ध आईपीसी की धारा 171(छ) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। उक्त मुकदमे की सुनवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में चल रही है। सोमवार को मुकदमे में अदालत का निर्णय आना था जिसके लिए कचहरी में सीओ श्याम सिंह के नेतृत्व में काफी संख्या में पुलिस तैनात की गई थी।