शामली। लखनऊ निदेशालय की टीम के सामने ही जिले में दो दिन तक ओवरलोड और बिना नंबर प्लेट वाहनों का आवागमन हो रहा था। मगर संख्या जरूर कम हो गई थी। तीसरे दिन टीम के जाते ही पहले की तरह ही जिले की सड़कों पर ओवरलोड और बिना नंबर प्लेट के वाहन दौड़ने शुरू हो गए। विभागीय अधिकारी सिर्फ दावों तक ही सिमटे हैं।
दरअसल, हाल ही में थानाभवन में रेत से भरे डंपर की टक्कर से एक युवक की मौत हो गई थी जबकि एक मासूम गंभीर रुप से घायल होकर चंडीगढ़ के अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। दो दिन तक लखनऊ निदेशालय की टीम ने शामली में रहकर छह ओवरलोड वाहनों पर शिकंजा कसा। टीम वापस जा चुकी है। खनन और परिवहन विभाग के अधिकारियों को इन वाहनों पर शिकंजा कसने के निर्देश दिए गए हैं।टीम के जाते ही शामली के झिंझाना रोड, बुढ़ाना रोड, कैराना, थानाभवन, झिंझाना में फिर से ओवरलोड और बिना नंबर के डंपर और ओवर लोड वाहनों का आने जाने का क्रम जारी रहा। हैरत की बात है कि चेकिंग के लिए झिंझाना और अन्य मार्गों पर तो पुलिस भी तैनात रहती है, मगर पुलिस को भी ये वाहन दिखाई नहीं देते हैं।
एआरटीओ रोहित राजपूत का कहना है कि अभियान चलाया जा रहा है। जल्द ही नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर शिकंजा कसा जाएगा।
जिला खनन अधिकारी आशीष द्विवेदी का कहना है कि अभियान चलाया जा रहा है। बिना नंबर प्लेट दौड़ने वाले वाहनों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शा जाएगा ि