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Shamli News: देश की सीमाएं लांघ विदेशियों तक पहुंचा पलंगतोड़ मिठाई का स्वाद

Mon, 05 Oct 2026 12:51 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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कैराना की मशहूर मिठाई पलंग तोड़-संवाद
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कैराना। कुछ नाम से कहानी बनती हैं और फिर यही पहचान भी बना देती है। कैराना की पलंगतोड़ मिठाई अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी छा रही है। करीब 75 साल पहले की इस लाल बर्फी को ग्राहकों की चुटकी और मजाक में नाम दिया पलंगतोड़। पहले तो यह सभी को अटपटा सा लगा। धीरे धीरे लोग इसी नाम से इसे मांगने लगे और आज यहीं नाम अंतरराष्ट्रीय ब्रांड बन गया। एक जिला, एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना में भी इसे शामिल किया गया।
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मिठाई की कहानी वर्ष 1950 से शुरू हुई। साधु राम ने कैराना में छोटी सी मिठाई की दुकान शुरू की। उस दौर में लकड़ी की भट्ठी पर दूध और मावे से पेड़ा, बर्फी, रबड़ी और लाल बर्फी तैयार की जाती थी। लाल बर्फी बनाने के लिए शुद्ध मावे को धीमी आंच पर लगातार भुना जाता। इसमें काजू, बादाम समेत सूखे मेवों की भरपूर मात्रा डाली जाती। मावे का रंग गहरा लाल होने पर इसे तैयार किया जाता था। बर्फी के स्वाद के अनुसार इसी मांग बढ़ी। संवाद
ऐसे नाम पड़ा पलंगतोड़

साधु स्वीट्स के मालिक राकेश गर्ग उर्फ टीटू बताते हैं कि शुद्ध खोया के भुनने से यह घी तक छोड़ देती थी। मेवों के कारण मिठाई काफी भारी और पौष्टिक बनी। इसे खाने के बाद कुछ ग्राहक आराम करने या सोने चले जाते थे। सुबह जब कोई देर तक नहीं उठता तो घरवाले मजाक में कह देते कि ऐसा क्या खा लिया, क्या सो-सोकर पलंग ही तोड़ोगा? यही बात धीरे-धीरे मिठाई के साथ जुड़ती चली गई। ग्राहक दुकान पर पहुंचकर कहने लगे- साधु, वही पलंग तोड़ने वाली मिठाई देना। देखते ही देखते लाल बर्फी का पुराना नाम पीछे छूट गया और पलंगतोड़ नाम लोगों की जुबान पर चढ़ गया।
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राकेश गर्ग के अनुसार नाम के स्वाद के साथ ही मिठाई के नाम ने इसे और ज्यादा प्रसिद्ध कर दिया। उनके अनुसार पीढ़ियां बदलीं, दुकान का कारोबार बढ़ा, लेकिन मिठाई का नाम और इससे जुड़ी कहानी आज भी लोगों को आकर्षित करती है।

नोएडा के एक्सपो में मिठाई विदेश तक पहुंची
राकेश गर्ग के अनुसार 25 से 29 सितंबर तक नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित यूपीआईटीएस इंटरनेशनल ट्रेड शो में वियतनाम, रूस, बेलारूस और जापान से आए प्रतिनिधियों ने स्टॉल पर पहुंचकर मिठाई का स्वाद लिया और इसकी खरीदारी की। उनके अनुसार अब इस मिठाई के चार वेरिएंट रखे गए। इनमें 75 साल पुराना पलंगतोड़ केक, पलंगतोड़ ड्राई फ्रूट, चॉकलेट पलंगतोड़ और पलंगतोड़ गोंद की बर्फी शामिल है।

पलंग तोड़ मिठाई की अब विदेशों तक मांग है। विभाग भी इसका प्रचार प्रसार कर रहा है। - रतिका गुप्ता, उपायुक्त उद्योग

कैराना की मशहूर मिठाई पलंग तोड़-संवाद

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