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Shamli News: आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस कभी नहीं ले सकती शायर की जगह

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हरियाणा की कलाकार प्रांजल दहिया ।
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शामली। सहारनपुर के देवबंद के रहने वाले मशहूर शायर डॉ. नवाज देवबंदी ने कहा कि नई पीढ़ी ने किताबें पढ़नी ही बंद कर दी हैं, वह शायर तो बनना चाहते हैं मगर शार्ट रास्ते से, जो ठीक नहीं है। जब तक किताब नहीं पढ़ेंगे बेहतर शायर बन ही नहीं सकते। कविता, शायरी को जिंदा रखना है तो किताब को जिंदा रखना ही पड़ेगा।
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डॉ. नवाज देवबंदी शनिवार को शामली के वीवीपीजी कॉलेज में चल रहे शामली महोत्सव में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने विशेष बातचीत की।
प्रश्न : हाईटेक समय में शायर चुनौतियों से पार कैसे पास सकता हैं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कितनी चुनौतीपूर्ण है?
जवाब : अहसास का नाम ही शायरी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शेर, शायरी दे रहे हैं मगर उस शेर के अंदर शरीर तो है मगर अंतर आत्मा नहीं है, वह जो दे रही है सिर्फ शब्दों का जाल है, भावनाएं नहीं है। अभी हाईटेक सिस्टम के अधीन गजल नहीं आई है। अभी शायरी के मैदान में हाईटेक सिस्टम हावी नहीं है।
प्रश्न: शायरी का अपना अलग मुकाम, अलग अंदाज है, उसका भविष्य किस रूप में देखते हैं?
जवाब : शायरी अंतर आत्मा की आवाज हैं। ये कुदरत का दिया हुआ गिफ्ट है। इसका भविष्य कभी अंधकारमय नहीं हो सकता।
प्रश्न : हाल ही में आपकी कोई नई शायरी, जो लोगों को पसंद आएगी
जवाब: ये कैसा गम है खुशी बेशुमार होते हुए, करार क्यूं नहीं मुझको करार होते हुए, वो मेरे भेजे हुए फूल, उसके जुए में , मैं खुद को देख रहा था, बहार होते हुए और ये कितने शख्त है परवरदिगार के बंदे, वो कितना नर्म है। परवरदिगार होते हुए। दोनों लोगों की पसंद आएंगी।
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प्रश्न: समाज के लोगों को कोई संदेश ?
जवाब : शिक्षा का विस्तार जितना अधिक होगा, शायरी हो या फिर अन्य कोई क्षेत्र उतना ही तरक्की करेगा। जनरेशन को हमें पढ़ाना होगा। शिक्षा की समस्याओं का समाधान है। बच्चों को बेहतर इंसान बनाने के लिए उन्हें समय दें, इससे मानवता का भी विकास होगा।
प्रश्न: शायर की कोई खास बात?
जवाब : हिंदुस्तान में शब्दावली आसान नहीं होगी तो आपकी पहुंच दूर तक नहीं हो पाएंगी। संकीर्ण भाषा प्रभावित नहीं करती। बेहतर शायर की खास बात होती है कि उसकी शायरी को समझने के लिए किसी डिक्सनरी की आवश्यकता नहीं होती।

प्रांजल बोलीं, मेहनत करते रहो
हरियाणा के फरीदाबाद की रहने वाली हरियाणवली कलाकार प्रांजल दहिया भी शामली महोत्सव में पहुंची। इन दिनों प्रांजल दहिया का गाना ‘बालम थानेदार’ सोशल मीडिया पर काफी छाया हुआ है। प्रांजल ने कहा कि किसी भी कलाकार को आगे बढ़ने के लिए मेहनत जरूरी होती है। मेहनत करते रहो, एक दिन सफलता आवश्यक हाथ लगती है।
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हरियाणा की कलाकार प्रांजल दहिया ।

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