शामली। खुले में शौच करना पूरी तरह बंद कराने में ग्राम पंचायत प्रधानों और ग्रामीणों को आगे आकर सहयोग करना पड़ेगा। उसके लिए जरूरी है कि अपनी मानसिकता बदली जाए। जो लोग खुले में शौच करना बंद नहीं करते, उनके नाम सार्वजनिक स्थान पर लिखवाए जाएंगे। डीएम ने यह बात स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत आयोजित कार्यशाला में कही।
डीएम सुजीत कुमार मंगलवार को शामली के कैराना रोड पर एक रेस्टोरेंट में स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत पांच दिवसीय कार्यशाला के समापन समारोह में पहुंचे। जहां उन्होंने ग्राम प्रधानों से कहा कि वह गांवों में ऐसे सभी परिवारों को शौचालयों के निर्माण के लिए प्रेरित करें, जो अभी तक खुले में शौच जाते हैं। गांव में चंदा एकत्रित करके ऐसे लोगों के शौचालयों के निर्माण कराएं, जिससे यह अभियान सफल होगा।
गांवों में करीब 15 प्रतिशत लोग ही खुले में शौच जाते हैं, ऐसे लोगों को सभी लोग मिलकर समझाएं। यदि शौचालय के लिए न मानें तो उनके नाम गांव पंचायत भवन पर लिखवाकर उन्हें शर्मिंदा किया जाएगा। ग्राम प्रधान चुनाव की तरह स्वच्छता अभियान से जुड़ें। सभी गांवों में 15 जुलाई तक शौचालयों का निर्माण कराकर खुले में शौच मुक्त बनाने पर बल दिया।
वहीं, मुख्य विकास अधिकारी वीके सिंह ने कहा कि खुले में शौच जाना आज बहुत बड़ा अभिशाप है। इससे मुक्ति के लिए सभी को सामूहिक प्रयास करने होंगे। जिला पंचायत राज अधिकारी सतीश कुमार ने कहा कि जनपद के 51 गांवों को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए चुना गया है। जिनके आठ गांवों को ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है।
एनजीओ नोलिन मिकास दिल्ली के ब्रिजेश रघुवंशी ने कहा कि दुनिया में खुले में शौच जाने वाले देशों में भारत सबसे ऊपर है। मौके पर प्रीति काला जिला कंसलटेंट, जयदेव मलिक ब्लाक प्रमुख पति, डॉ. योगेंद्र सिंह जिलाध्यक्ष, ग्राम प्रधान संगठन, विपिन राणा, नरेश कुमार, बिजेंद्र सिंह, राजकुमार सिंह, महेंद्र, राम सिंह आदि भी मौजूद थे।