दस से ज्यादा स्थानों पर खंभे टूटे व पेड़ उखड़े, 50 से ज्यादा स्थानों पर लाइनों में आया फॉल्ट
आम, आड़ू, लीची व नाशपाती की फसलों के गिरने से बागवानों को हुआ नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जिले में बृहस्पतिवार को आधी रात को आंधी से शहर से लेकर कस्बों व गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। आंधी से जिले में विभिन्न स्थानों पर 10 से ज्यादा खंभे टूट गए। 50 से अधिक स्थानों पर लाइनों में फाल्ट आने से लोग गर्मी में परेशान रहे। कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए और बागों में आम, लीची, आड़ू, नाशपाती की फसलों को नुकसान पहुंचा। दिन में भी बिजली की बार-बार ट्रिपिंग की समस्या से लोगों को परेशानी हुई।
जिले में बृहस्पतिवार को दिनभर धूप की तपिश के बाद शाम को बादल छा गए थे। रात साढ़े दस बजे तेज हवा के साथ हल्की बूंदाबांदी कुछ देर के लिए हुई। इसके बाद रात करीब 12 बजे आंधी शुरू हो गई। तूफान में बिजली के खंभे और पेड़ उखड़ गए। रात में बिजली आपूर्ति जिले की ठप होने से लोगों को गर्मी से जूझना पड़ा। आंधी से विद्युत लाइनों पर पेड़ गिरने, खंभों के तिरछे होने व तार टूटने के कारण विद्युत उपकेंद्र मालेंडी, टिटौली, भैंसवाल, अंबेहटा याकुबपुर, यारपुर, गढ़ी अब्दुल्ला, चौसाना, हथछोया, झाल, बुटराड़ी, बहावड़ी, कसेरवा कलां, भूरा, देवी मंदिर कैराना, खुरगान, जंधेड़ी, पावटीकलां की आपूर्ति विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई।
लाइनमैनों ने रात से ही लाइनों की पेट्रोलिंग कर विद्युत आपूर्ति सुचारू करने का काम शुरू किया गया। शहरी क्षेत्र में शुक्रवार सुबह तक विद्युत आपूर्ति चालू हुई जबकि ग्रामीण देहात क्षेत्रों में दोपहर तक आपूर्ति सुचारू हो सकी। दिन में भी शहर के रेलपार, धीमानपुरा, बुढ़ाना रोड, हनुमान रोड समेत कई स्थानों पर बिजली की बार-बार ट्रिपिंग से लोग परेशान रहे। ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता विरेंद्र सिंह ने बताया कि आंधी तूफान से करीब 10 खंभे व कई स्थानों पर तार टूट गए थे। सात लाइनों को बंद कर खंभे व फॉल्ट को ठीक कर विद्युत आपूर्ति चालू की गई।
- आंधी से बागवानों को हुआ नुकसान
थानाभवन। रात आई तेज आंधी व हल्की बूंदाबांदी से क्षेत्र में आम व लीची आदि फसल को भारी नुकसान हुआ है। तूफान से कई पेड़ टूट गए और बड़ी संख्या में टहनियां टूटकर गिर गईं। आंधी इतनी तेज थी कि सड़क पर लगे पुलिस बैरिकेड भी उड़ गए। ठेकेदार नसीम अहमद ने बताया कि कच्चे आम गिरकर नष्ट हो गए, जिससे लागत निकालना भी मुश्किल है। ठेकेदार रईस का कहना है कि लगातार आंधी और पहले लगे चेपा रोग से काफी नुकसान हो चुका था, अब मौसम की मार ने कमर तोड़ दी। मंडी में बचे फल के दाम भी नहीं मिल रहे। किसानों और बागवानों को भारी नुकसान पहुंचा है।
शामली में तूफान से टूटे पेड़। संवाद
शामली में तूफान से टूटे पेड़। संवाद