- पति की मौत के बाद जमीन की विरासत में दर्ज नहीं हो सका नाम
- एक बेटे की जमीन का गलत तरीके से बैनामा व दाखिल खारिज करने का भी आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
कैराना। पति की मौत के बाद जमीन में हक न मिलने तथा एक बेटे की जमीन को गलत तरीके से बैनामा व दाखिल खारिज कराने की शिकायत लेकर एक वृद्ध महिला सीएम योगी के दरबार में पहुंच गई। सीएम ने महिला के मामले में जांच कर मदद का भरोसा दिया।
बृहस्पतिवार को गांव मन्ना माजरा निवासी वृद्ध विधवा महिला जाहिदा लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री के दरबार में पहुंची। जनता दरबार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शिकायती पत्र सौंपा। जिसमें बताया कि तहसील क्षेत्र के गांव मन्ना माजरा में उसके पति रूफल के नाम भूमि दर्ज थी। कई साल पहले उसके पति की मृत्यु हो गई थी। जिसके बाद उसके दोनों बेटों रिजवान और कुरबान के नाम दर्ज हो गए थे। लेकिन भूलवश विरासत में उसका नाम दर्ज नहीं हो सका था। उसने एसडीएम के न्यायालय में वर्ष 2013 में भूमि में नाम दर्ज कराने व जमीन के क्रय विक्रय पर रोक लगाने के लिए वाद दायर किया था।
महिला ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उसके बेटे रिजवान को शराब पिलाकर व हथियारों से डराकर बिना पैसे के लेनदेन के कुछ भूमि के 6 बैनामे करा लिए। इसकी शिकायत उसने अपर आयुक्त से की थी। आरोप है कि जांच दबा दी गई। इसके अलावा इस जमीन के दाखिल खारिज रोकने के लिए एक प्रार्थना पत्र एसडीएम को दिया गया था। उसे भी निरस्त कर दिया गया। पीड़ित महिला ने तत्कालीन सब रजिस्ट्रार, तहसीलदार न्यायिक व इन बैनामों के रजिस्टर्ड व दाखिल खारिज होने की पत्रावलियों की जांच कराकर कानूनी कार्रवाई की मांग की। महिला ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उसे मामले में जल्द ही कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया है।