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Shamli News: सफेदपोशों की शह पर बढ़ रहा तेल तस्करी का कारोबार

Mon, 01 Jun 2026 12:11 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शामली। हरियाणा, वेस्ट यूपी, पंजाब और उत्तराखंड में चल रहे तेल तस्करी के कारोबार को तस्कर अगले चरण में बिहार, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली तक विस्तार करने की तैयारी में थे। शनिवार को पकड़े गए गर गिरोह सदस्यों से पुलिस पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि इन राज्यों में तेल की सप्लाई शुरू करने के लिए खुद को सफेदपोश बताने वाले दो लोगों से बातचीत और प्रारंभिक डील हो चुकी थी। जून माह से इन राज्यों में भी मिलावटी डीजल और पेट्रोल की आपूर्ति शुरू होनी थी।
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जिडाना क्षेत्र से पकड़े गए गिरोह के सदस्य बागपत के बिनौली निवासी राहुल, मुजफ्फरनगर के शाहपुर निवासी राजन, हरियाणा के सोनीपत जिले के जगदीशपुर निवासी अशोक तथा पेट्रोल पंप मैनेजर कैराना निवासी मुजम्मिल से पूछताछ में पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं। आरोपियों ने गिरोह के नेटवर्क, संचालन और नए राज्यों में विस्तार की योजना का खुलासा किया है।
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि राहुल और राजन सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम के माध्यम से ग्राहकों से संपर्क करते थे। वे लोगों को सस्ते दामों पर डीजल और पेट्रोल 72 से 82 रुपये प्रति लीटर तक देने की डीलिंग करते थे। पुलिस शामली, बागपत, सोनीपत, पानीपत, अंबाला, मुजफ्फरनगर और मेरठ के उन पेट्रोल पंपों की भी जांच कर रही है, जिनके तार इस नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है।
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एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि खुद को सफेदपोश बताने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं और जल्द ही पूरे नेटवर्क का व्यापक खुलासा किया जाएगा।

मेरठ से भी हो रही थी वेस्ट यूपी में सप्लाई
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि बागपत और सोनीपत के अलावा मेरठ डिपो क्षेत्र से जुड़े कुछ लोग भी शामली और वेस्ट यूपी के अन्य जिलों में डीजल और पेट्रोल की सप्लाई कर रहे थे। गिरोह युवाओं को तेजी से पैसा कमाने का लालच देकर अपने नेटवर्क से जोड़ता था और उन्हें सप्लाई चेन में इस्तेमाल करता था।

बागपत, सोनीपत और मेरठ में पुलिस की दबिश
गिरोह के फरार सदस्यों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पुलिस ने बागपत के धनौरा निवासी मोहित, कैराना निवासी परवेज और अन्य संदिग्धों की तलाश में कैराना, बड़ौत, बहालगढ़, पानीपत और मेरठ के कंकरखेड़ा क्षेत्र में छापेमारी की, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। पुलिस एक अन्य पेट्रोल पंप कर्मचारी को हिरासत में लेकर भी पूछताछ कर रही है।

व्हाट्सएप ग्रुप और आपसी तालमेल से चलता था नेटवर्क
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि हरियाणा और वेस्ट यूपी के विभिन्न जिलों में सक्रिय सदस्यों के मजबूत तालमेल से पूरे सिंडिकेट का संचालन किया जा रहा था। जिस जिले में मांग होती थी, वहां का स्थानीय सदस्य डीलिंग करता था। सभी सदस्य व्हाट्सएप के जरिए एक-दूसरे को सूचनाएं साझा करते हैं।

लग्जरी कारों और महंगी बाइकों के शौकीन है सदस्य
पुलिस के अनुसार गिरोह के अधिकांश सदस्य लग्जरी कारों और महंगी बाइकों के शौकीन हैं। पूछताछ में पता चला कि डीलिंग और सप्लाई के लिए वे अक्सर लग्जरी वाहनों का इस्तेमाल करते थे, ताकि किसी को उन पर आसानी से शक न हो।

तेल तस्करी प्रकरण में अब तक सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि गिरोह से जुड़े सभी लोगों को गिरफ्तार कराया जाए। तस्करी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की गई है। एक पेट्रोल पंप को सीज किया जा चुका है, जबकि अन्य की जांच जारी है।
- आलोक यादव, जिलाधिकारी

नोट...कल पढ़िए स्टिंग की अगली किस्त... घनी आबादी के बीच चार साल से पेट्रोल पंप पर चल रहा था तेल तस्करी का खेल, पूर्ति निरीक्षक और अन्य को क्यों नहीं दिखी गतिविधियां? जांच के घेरे में विभागीय भूमिका।
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