शामली में पोस्टमार्टम हाउस पर सर्पदंश पीड़ित रविंद्र के परिजन। संवाद
शामली। गांव जगनपुर निवासी किसान रविंद्र चौहान (48) की सर्पदंश से मौत हो गई। परिजन रातभर झाड़फूंक कराते रहे। सुबह जिला अस्पताल लेकर पहुंचे तो चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि उन्हें सरकारी अस्पताल में एंटीस्नेक वेनम होने के बारे में जानकारी नहीं थी। जब जानकारी हुई तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
रविंद्र सिंह खेती करने के साथ ही निजी स्कूल की वैन भी चलाते थे। उनके भतीजे सचिन चौहान ने बताया कि चाचा रविंद्र शुक्रवार रात करीब दस बजे गांव के पास अपने खेत पर गए थे। वहां पर लगे खंभे के पास घास में छिपे सांप ने उनके पैर की अंगुली में काट लिया। उन्होंने घर पहुंचकर सर्पदंश व पेट में दर्द होने की जानकारी दी। परिजन उन्हें तत्काल गांव में निजी चिकित्सक के यहां ले गए।
चिकित्सक ने दर्द निवारक दवा देकर शामली ले जाने की सलाह दी। इसके बाद वे शामली में निजी अस्पताल ले गए।
करीब एक घंटे बाद चिकित्सक ने उन्हें मेरठ ले जाने की सलाह दी। परिजन मेरठ न ले जाकर झाड़फूंक करने वाले सपेरों के यहां ले गए। रातभर झाड़फूंक कराने के बाद भी हालत में सुधार नहीं हुआ।
सुबह परिजनों को किसी ने बताया कि सरकारी अस्पताल में सर्पदंश के उपचार के लिए एंटीस्नेक वेनम उपलब्ध है। इसके बाद परिजन किसान को लेकर सुबह आठ बजे जिला अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों ने जांच के बाद किसान को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सचिन ने बताया कि रविंद्र की मौत के बाद परिवार में पत्नी व बड़ा बेटा शुभम (10) व बेटी खुशी (8) रह गई हैं।
शामली में पोस्टमार्टम हाउस पर सर्पदंश पीड़ित रविंद्र के परिजन। संवाद