शामली। झिंझाना क्षेत्र के रंगाना गांव के जंगल में पांच अगस्त को पुलिस मुठभेड़ में मारा गया एक लाख रुपये का इनामी बदमाश फुरकान पुलिस से बचने के लिए ठिकाने बदलने के साथ जमात में भी जाता था। पुलिस की जांच में सामने आया है कि फुरकान पिछले करीब छह माह में पंजाब और हरियाणा की जमात में तीन से चार बार गया था। वहां वह खुद को हाफिज बताता था और लोगों को दीनी तालीम भी देता था।
एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जमात के दौरान उसके साथ कौन-कौन लोग रहे और उनकी गतिविधियां किस तरह की थीं। इसके अलावा गाजियाबाद के लोनी और दिल्ली में भी फुरकान अपने परिचितों के यहां शरण लेता था। शरण देने वाले तीन लोगों को पुलिस ने चिह्नित किया है। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।
मोबाइल फोन और सोशल मीडिया से खुल रहे राज : पुलिस फुरकान के मोबाइल और सोशल मीडिया अकाउंट की जांच कर रही है। जांच में गिरोह से जुड़े लोगों के बारे में लगातार नई जानकारी सामने आ रही है।
पुलिस करीब 40 मोबाइल फोन नंबरों की जांच में जुटी है। इनमें अधिकतर नंबर कैराना, कांधला और मन्ना माजरा क्षेत्र के लोगों के बताए जा रहे हैं।