जन आरोग्य स्वास्थ्य मेले में चर्म रोगियों की संख्या सबसे अधिक रही
शामली। जिले के सभी 26 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। मेले में सरकारी चिकित्सकों के साथ ही प्राइवेट चिकित्सकों का सहयोग लिया गया। मेले में सबसे अधिक मरीज चर्म रोग के आए हैं। इसके अलावा सांस, उदर, शुगर और ब्लड प्रेशर के भी मरीज सामने आए हैं। मेले में कुल 2603 मरीजों की जांच कर उपचार किया गया।
रविवार को जनपद के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य स्वास्थ्य मेले में ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों की जांच और उपचार किया गया। मेले में सरकारी के साथ निजी चिकित्सकों ने मरीजों का उपचार किया। इस स्वास्थ्य मेले में जनपद में कुल 2603 मरीजों की जांच की गई, जिनमें 1063 पुरुष, 1168 महिला और 372 बच्चे शामिल रहे। इसके साथ ही मेले में 411 गोल्डन कार्ड बनाए गए।
जन आरोग्य मेले में मरीजों की जांच में सबसे अधिक संख्या चर्म रोगियों की रही। बनत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कुल 37 मरीजों की जांच की गई, जिनमें सबसे अधिक छह मरीज चर्म रोग और तीन रोगी मधुमेह के मिले। शहर के मोहल्ला पंसारियान में अरबन पीएचसी पर कुल 41 मरीजों में सबसे अधिक 10 मरीज चर्म रोग के और चार मरीज मधुमेह के सामने आए। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केरटू में 25 मरीज चर्म रोगी के मिले। इसी तरह कांधला ब्लाक में एलम, जसाला, राजपुर-छाजपुर, फुुगाना, गंगेरू और लिसाढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कुल 518 मरीजों में 55 मरीज चर्म रोग से पीड़ित मिले, जबकि मधुमेह के 41 और उदर रोग के 30 मरीज मिले। इसी तरह अन्य प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी चर्म रोगियों की संख्या अधिक रही है।
सर्दी के मौसम में बढ़ता है चर्म रोग
सीएमओ डा. संजय भटनागर ने बताया कि सर्दी में चर्म रोग अधिक हो जाते हैं। जिसमें खुजली ज्यादा होती है। इसे स्केबीज कहते हैं। इसकी वजह यह है कि सर्दी में कपड़े अधिक पहनते हैं और कुछ लोग रोज नहा नहीं पाते। ऐसे लोगों में स्केबीज होता है। यह रोग एक दूसरे से लगने वाला होता है। एक दूसरे के कपड़े पहनने, ओढ़ने या अन्य किसी तरीके से संपर्क में आने से फैलता है। उन्होंने बताया कि रविवार को आरोग्य मेले में चर्म रोगियों की संख्या अधिक रही है। सभी मरीजों को दवा देकर उपचार किया गया है।
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बचाव एवं सावधानियां
रोजाना गुनगुने पानी में स्नान करें।
शरीर की सफाई रखें।
साफ और धुले हुए कपड़े पहनें।
ओढ़ने और पहनने वाले कपड़ों को खौलते पानी में धोएं।